झांसी। सूखे की मार से बेहाल बुंदेलखंड में पानी को परेशान ग्रामीणोें की प्यास अब सौर ऊर्जा से चलने वाले ड्यूलपंप बुझाएंगे। केंद्र सरकार की इस ड्यूलपंप योजना में सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगाए जाएंगे। इन पंपों को कम से कम 3500 की आबादी वाले उन गांवों में लगाया जाएगा, जहां पाइप लाइन पेयजल परियोजना नहीं है।
इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए जल निगम को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। एक पंप पर 6 लाख रुपये का खर्च आएगा। शासन की मंशा के अनुरूप 3500 की आबादी वाले गांव में एक एवं पांच हजार से ज्यादा की आबादी वाले गांव में दो पंप लगाए जाएंगे। इनके लगाने के स्थानों का चयन किया जा रहा है।
इसके लिए जल निगम के अधिकारी सर्वे करेंगे और स्थान निर्धारित कर उसकी सूची तैयार कर कार्यदायी संस्था को सौंप कर वहां सौर ऊर्जा चलित इन ड्यूलपंप को स्थापित किया जाएगा।
ऐसे कार्य करेगा यह ड्यूलपंप
योजना के तहत हैंडपंप की बोरिंग की जाएगी और इसमें दो पंप उतारे जाएंगे। एक पंप हाथ से चलाने पर पानी देगा, जबकि दूसरे पंप पर डीसी मोटर लगाई जाएगी। इसी पंप की मदद से पास में रखी एक हजार लीटर क्षमता वाली टंकी को भरा जाएगा। इस टंकी से 35-35 मीटर की दूरी पर दो स्थानों पर स्टैंड पोस्ट लगेंगे।
इनके माध्यम से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। टंकी न भरने की स्थिति में ग्रामीण हैंडपंप को हाथ से चलाकर भी पानी भर सकेंगे। इस डीसी पंप की खासियत होगी कि दिन में जब भी टैंक खाली होगा, सौर ऊर्जा पंप ऑटोमैटिक चालू हो जाएगा और टैंक भरने पर स्वत: बंद भी हो जाएगा।
बुंदेलखंड के 149 गांव में लगेंगे 200 ड्यूलपंप
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जनपद गांव पंप की संख्या
झांसी 29 35
जालौन 18 25
ललितपुर 15 20
बांदा 58 65
महोबा 16 25
हमीरपुर 13 20
चित्रकूट चिह्नित नहीं 10
‘केंद्र सरकार की इस योजना के तहत कार्य शुरू कर दिया गया है। गांव व पंप लगाए जाने के स्थानों का चयन हो चुका है। जनपद झांसी में दस पंप लगाए भी जा चुके हैं।’
राजेश मित्तल
मुख्य अभियंता
जल निगम झांसी