अलग बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई लड़ रहे बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के 13 समर्थकों को महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा बुंदेलखंड इंसाफ सेना बांदा के पदाधिकारियों को बबेरू थाना पुलिस ने भी गिरफ्तार किया है।
अलग बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई लड़ रहे बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के कार्यकर्ता पिछले तीन दिन से बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कर रहे थे। मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय का कहना है कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने लोकसभा चुनाव से पहले जनसभा में वादा किया था कि यदि भाजपा की सरकार बनी तो तीन साल में बुंदेलखंड राज्य बना देंगे लेकिन अब केंद्रीय मंत्री अपने वादे से मुकर गई हैं। इसलिए उनकी बुद्धि की शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के स्वागत को काले झंडे और काले गुब्बारे दिखाने की तैयारी में थे। प्रधानमंत्री की जनसभा में कोई काले झंडे न दिखा सके, इसके लिए मुख्यमंत्री ने अफसरों को कड़ी हिदायत दी थी। बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड राज्य के समर्थक मशाल जुलूस लेकर महारानी लक्ष्मीबाई पार्क पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इससे पहले दिन में करीब ढाई बजे बांदा जिले की बबेरू थाना पुलिस ने बुंदेलखंड इंसाफ सेना बांदा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी समेत अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्यकर्ता प्रधानमंत्री की जनसभा में शामिल होने आ रहे थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद से यहां पर भी तय हो गया था कि मोर्चा के कार्यकर्ताओं की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। नबाबाद थाना पुलिस ने महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में बुंदेलखंड राज्य समर्थकों को नोंक - झोंक के बाद गिरफ्तार कर लिया।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
थाना नबाबाद पुलिस ने नईबस्ती निवासी सत्येंद्र पाल सिंह, दिनेश भार्गव, लक्ष्मण गंज निवासी भानू सहाय, पंचकुइयां निवासी शंकर तिवारी, टहरौली के बंगरा बंगरी निवासी अरविंद, टहरौली के बघैरा निवासी हरीहर पाठक, बांदा के जरेली निवासी अब्दुल सुभान, बांदा के बबेरू स्थित अहार निवासी अमित पटेल, मसीहा गंज निवासी विजित कपूर, थाना प्रेमनगर के हंसारी निवासी प्रदीप नाथ झा, तालपुरा निवासी भीम और कोतवाली के ऋतु बिहार कॉलोनी निवासी सतेंद्र को शांति भंग में चालान कर जेल भेज दिया गया। सभी को गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया गया।