झांसी के दीनदयाल सभागार में एग्रो बेस्ड सेमिनार में बोलते कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा।
बुंदेलखंड में बागवानी के लिए विशेष पैकेज जल्द : एपीसी
झांसी। प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने कहा कि हॉर्टिकल्चर फूड पॉलिसी में बुंदेलखंड के लिए अलग से प्रावधान किए जाएंगे। क्षेत्र में फूड प्रोेसेसिंग में अपार संभावनाएं हैं। इसको बढ़ावा दिया जाएगा। सिन्हा ने कहा कि क्षेत्र की दशा संवारने के लिए जल्द ही बुंदेलखंड पैकेज की तीसरी किस्त दी जाएगी। इसकी तैयारियां जारी हैं। यह बात उन्होंने बुंदेलखंड में एग्रो प्रोसेसिंग की संभावनाओं पर आधारित दो दिवसीय सेमिनार के पहले दिन शनिवार को कही।
पं. दीनदयाल सभागार में आयोजित सेमिनार में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि कृषि आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना से किसान को सीधा लाभ होगा। यहां का उत्पादन एकदम शुद्ध है और रसायनमुक्त खेती होती है। किसान की आय दोगुनी करने के लिए वैल्यू एडिशन करना जरूरी है। आजकल लोग न्यूट्रीस का ध्यान रखते हैं और ऐसी चीजें पसंद करते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी हों। बुंदेलखंड के किसानों को इस तरह के कृषि उत्पादों के उत्पादन से लाभ होगा। इसकी मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि ललितपुर में दो हजार एकड़ में फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना की जाएगी।
यहां जैविक खेती में लोगों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पांच सूत्री कार्यक्रम हैं, जिससे क्षेत्र व किसान दोनों का विकास संभव है। किसान एफपीओ का लाभ लें और स्वयं सहायता समूह का सहयोग लें। उद्यान फूड प्रोसेसिंग से जुड़ें। इससे बुंदेलखंड का समुचित विकास होगा। एपीसी ने बताया कि इजराइल से एमओयू साइन किया गया है, जिसका लाभ बबीना के 25 गांवों को मिलेगा। कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड पैकेज के तृतीय संस्करण की तैयारी करने के निर्देश नीति आयोग ने दिए हैं, जल्द ही कार्य पूर्ण किया जाएगा।