झांसी। बुंदेलखंड में प्राकृतिक आपदाओं की वजह से किसान पिछले कई साल से लगातार नुकसान उठा रहे हैं। करीब एक दशक पहले सूखा पड़ने के बाद आज भी खेती-किसानी पटरी पर नहीं लौटी। अच्छी फसल न होने से किसान कर्ज में डूब रहे हैं। उनको आज के बजट मेें राहत की उम्मीद थी लेकिन, केेंद्रीय बजट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
झांसी में करीब ढाई लाख किसानों ने खेती-किसानी के लिए ऋण ले रखा है लेकिन, पिछले कई सीजन में फसल अच्छी न होने से अधिकांश किसान कर्ज वापस नहीं लौटा पा रहे। ऐसे किसान अब रोजाना बैंकों के नोटिस झेल रहे हैं। इसके पहले योगी सरकार ने फसल ऋणमोचन योजना आरंभ की थी लेकिन, जनपद में महज 60,787 किसानों को ही इसका फायदा मिला।
सरकार ने बीच राह में ही योजना अचानक बंद कर दी। उस दौरान बड़ी संख्या में किसान लाभ से वंचित रह गए। पिछले दो सीजन से खरीफ की फसल भी अच्छी नहीं हो रही। इस वजह से इनका कर्ज भी बढ़ता जा रहा है। रबी की फसल के लिए भी किसानों को कर्ज लेना पड़ा। बुंदेलखंड के किसान इस संकट से निकलने के लिए बजट में सरकारी मदद का इंतजार कर रहे थे लेकिन, उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।