टेंडर लेने वाली फर्म के संचालक ने आपराधिक इतिहास को छुपाकर लिया था टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम ने क्राफ्ट मेला मैदान में बने बुंदेलखंड कल्चरल सेंटर एवं टूरिस्ट इंफॉर्मेशन किऑस्क के संचालन और रखरखाव का अनुबंध निरस्त कर दिया है। सेंटर का टेंडर लेने वाली फर्म के संचालक ने अपना आपराधिक इतिहास छुपाकर निविदा प्रक्रिया में हिस्सा ले लिया था। शिकायत के बाद जांच समिति की रिपोर्ट होने के बाद ये कार्रवाई की गई है।
पिछले साल बुंदेलखंड कल्चरल सेंटर एवं टूरिस्ट इंफॉर्मेशन किऑस्क के संचालन और रखरखाव का टेंडर नगर निगम ने राजा भदौरिया को दिया गया था। राजा के खिलाफ भाजपा पार्षद अंकित सहारिया ने शिकायत की थी। 20 जनवरी 2024 को हुई सदन की बैठक में भी ये मुद्दा उठाया था। आरोप लगाया था कि सेंटर का टेंडर विवादित व्यक्ति को दे दिया गया है। वहां तैनात कर्मचारी लोगों को धमका रहे हैं। वहीं, पार्षद अमित राय ने आरोप लगाया था कि गलत चरित्र प्रमाणपत्र लगाने पर फर्म संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। राजा के आपराधिक इतिहास की शिकायत होने पर नगर आयुक्त की तरफ से चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि राजा भदौरिया ने अपने आपराधिक इतिहास को छुपाते हुए टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसे आरएफपी यानी प्रस्ताव निवेदन की शर्तों का खुला उल्लंघन माना गया। शुक्रवार को बुंदेलखंड कल्चरल सेंटर एवं टूरिस्ट इंफार्मेशन किऑस्क का राजा भदौरिया के साथ किया गया अनुबंध निरस्त कर दिया गया है।
वर्जन..
बुंदेलखंड कल्चरल सेंटर के टेंडर में शर्त थी कि कोई भी आपराधिक व्यक्ति टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकता है। शिकायत के बाद जब समिति ने जांच में फर्म संचालक राजा भदौरिया से स्पष्टीकरण मांगा तो उन्होंने जवाब में लिखा कि उन पर मुकदमे हैं मगर ये गलत तथ्यों पर हैं। शुक्रवार को अनुबंध निरस्त कर दिया गया। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।