मोंठ की मंडी ऑनलाइन होने के बाद सीसीटीवी कैमरे देखते उप निदेशक मंडी सीपी तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
20 जनवरी तक बुंदेलखंड की सभी मंडियां ऑनलाइन हो जाएंगी। अभी महरौनी, ललितपुर, उरई, महोबा, माधौगढ़, बांदा आदि मंडियों को ई-मंडी बना दिया गया है। यहां पर अब कोई भी कार्य मैनुअल नहीं हो रहा है।
मंडी परिषद एक फरवरी से प्रदेश की सभी मंडियों में टैक्स संबंधी गतिविधियां ऑनलाइन करने जा रही है। आवक, बिक्री पर्ची और मंडी शुल्क ऑफलाइन वसूलने पर पाबंदी होगी। कई मंडियों में इस व्यवस्था का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने मंडियों में कारोबार सुगम बनाने के लिए मंडी शुल्क दो प्रतिशत से घटाकर एक फीसदी कर दिया है।
साथ ही मंडियों में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए समुचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत फॉर्म-6 आर, फॉर्म-9 और फॉर्म-7 आर समेत शुल्क वसूली संबंधी सभी गतिविधियां ऑनलाइन की जा रही हैं।
ये फॉर्म आवक पर्ची व ट्रांजिट शुल्क और मंडी शुल्क की अदायगी के लिए भरे जाते हैं। इसके लिए व्यापारियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। ताकि, ऑनलाइन फॉर्म भरने में उन्हें कोई दिक्कत न आए।
उप निदेशक मंडी सीपी तिवारी ने बताया कि बुंदेलखंड में 26 मंडियां हैं, इसमें महरौनी, ललितपुर, उरई, महोबा, माधौगढ़, बांदा की मंडियां ई-मंडी हो गई हैं। इसके अलावा बची हुई मंडियां 20 जनवरी तक ऑनलाइन कर दी जाएंगी। मंडियों के ऑनलाइन होने के बाद पारदर्शिता बढ़ेगी।