एक ही थाली में खाएं हिंदु और मुसलमान..., मां के कदमों के नीचे जन्नत है..., भर दो झोली मेेरी या मोहम्मद..., तूने नजर से पिलादी मजा आ गया... ऐसी ही कई कव्वालियों से बृहस्पतिवार रात उर्स की महफिल गुलजार रही। कस्बे के पुराने थाने के पीछे आयोजित उर्स में कव्वालों ने ऐसा रंग जमाया कि शुक्रवार शाम पांच बजे तक लोग उनके सुरों पर झूमते रहे।
कस्बे में हजरत सैयद वली शाह, सैयद शाह बाबा, जलाल शाह बाबा एवं हजरत एवज अली शाह बाबा स्टेशन वाले बाबा की याद में आयोजित उर्स में बृहस्पतिवार रात 11 बजे से कव्वालियों की महफिल सजी और जो सुबह पांच बजे तक जारी रही। मुजफ्फरनगर से आए कव्वाल इमदाद साबरी एवं गया बिहार से आईं कव्वाल जेबा नाज एवं स्थानीय कव्वाल राजाराम ने एक से बढ़कर एक कव्वालियां सुनाकर लोगों की वाहवाही बटोरी।
समाजसेवी देवेंद्र सरदार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बबीना रूरल प्रधानपति सुखवीर सिंह यादव ने फीता काटकर किया। अन्य अतिथियों में सुखवीर सिंह, फूलचंद्र राय, रामसेवक रजक, संजय राय, दीपक अहिरवार, गोरखनाथ सिंह, ज्ञानचंद जैन, ईश्वर सिंह शामिल रहे। इस मौके पर हाजी मुन्ना खां, जब्बार खां, सुबराती पहलवान, गुलजार, अल्ताफ मंसूरी, नासिर मंसूरी, गुलफाम कुरैशी, अय्यूब, अरसिल, सईद बाबा, जाकिर राईन, आदि मौजूद रहे। संचालन चन्द्रप्रकाश राय ने और आभार उर्स कमेटी अध्यक्ष रफीक अहमद ने व्यक्त किया।