झांसी। पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालय के निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप में मऊरानीपुर के सहायक विकास अधिकारी पंचायत वीरेंद्र सहाय त्रिपाठी को सीडीओ शैलेष कुमार ने निलंबित कर दिया वहीं, लगातार लापरवाही बरतने वाले दूसरे कर्मचारियों को भी चेेतावनी दी गई है। एडीओ पंचायत पर गाज गिरने के बाद से कर्मचारियों के बीच हड़कंप है।
निलंबित एडीओ पंचायत के खिलाफ काफी समय से शिकायत मिल रही थी। सीडीओ ने शिकायतों की वीडीओ से जांच कराई। उन्होंने भी शिकायतों को सही ठहराया। कुछ दिनों पहले सीडीओ उनके कार्यालय भी पहुंचे थे। जहां एडीओ का काम कंयूटर ऑपरेटर निपटता मिला। इस पर सीडीओ ने चेतावनी देते हुए सुधार लाने को कहा लेकिन, उसके कार्यों में सुधार नहीं हो रहा था। लगातार लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद आखिरकार सीडीओ ने एडीओ पंचायत को निलंबित करने का आदेश दे दिया। इसके अलावा पंचायती विभाग के ही दूसरे सचिव एवं एडीओ भी रडॉर पर हैं। तमाम सचिवों के खिलाफ भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
निलंबित बाबू संभाल रहा दफ्तर का कामकाज
हाल-ए-पंचायती राज
झांसी। पंचायती राज विभाग में तैनात एक कनिष्ठ सहायक लिपिक को पिछले दिनों भुगतान संबंधी एक मामले में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया। लेकिन, उसके बावजूद अफसरों ने उससे कामकाज वापस नहीं लिया। उक्त लिपिक अभी भी उसी पटल का पूरा कामकाज संभाल रहा।
बताया जाता है पिछले वर्ष फरवरी माह में ग्राम मैलानी में मनरेगा के जरिए करीब सवा लाख रुपये के फर्जी भुगतान का मामला सामने आया था। इसमें कर्मचारियों से रिकवरी करने का आदेश हुआ। इसकी वसूली का जिम्मा कनिष्ठ सहायक राकेश महाजन को सौंपा गया लेकिन, लिपिक ने जानबूझकर वसूली नहीं की और फाइल दबा दी। मामला खुलने पर डीपीआरओ जगदीश राम ने पिछले माह कनिष्ठ सहायक राकेश को निलंबित कर दिया लेकिन, अभी तक चार्ज वापस नहीं लिए गए। विभागीय सूत्रों का कहना है निलंबन के बाद भी उक्त कर्मचारी पूरा कामकाज संभाल रहा है साथ ही फाइलें भी निपटा रहा है वहीं, अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।