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भैंसे और बकरे की मांस बिक्री का लाइसेंस नहीं मिलेगा

Fri, 31 Mar 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मांस की दुकान - फोटो : demo
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अब नगर निगम भैंसे और बकरे की मांस बिक्री के लिए लाइसेंस जारी नहीं करेगा। केवल मुर्गा और मछली बेचने के लाइसेंस जारी होंगे। इसके लिए भी मानक और नियम पूरे करने होंगे।
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महानगर में डेढ़ सौ से अधिक मांस बिक्री के लाइसेंस हैं, लेकिन 31 मार्च शुक्रवार को वह सब बेकार हो जाएंगे। इसके बाद केवल उन्हीं को लाइसेंस जारी किया जाएगा, जो मांस की दुकान खोलने के लिए जरूरी मानक पूरे करेंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार को एनाउंसमेंट करा दिया गया कि जो लोग भी मांस बिक्री की दुकान खोलना चाहते हैं, वह मानक पूरे करते हुए नगर निगम से लाइसेंस बनवा लें। शुक्रवार के बाद जो भी दुकान खोलेगा, उसे अवैध माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भैंसा व बकरा मांस कतई नहीं बेचा जाएगा, क्योंकि इनकी स्लाटरिंग की अनुमति शहर में नहीं है। बकरा काटने के लिए तीन कमेले बने हुए हैं, जो वह बहुत पुराने हो गए हैं। कमेले तभी शुरू हो पाएंगे, जब वह मानक पूरा कर लेंगे। शासन की अनुमति मिलने के बाद ही कमेलों में काम शुरू हो सकेगा।


चोरी-छिपे कर रहे कारोबार
मांस का कारोबार प्रशासन स्तर पर भले ही रोक दिया गया हो, लेकिन चोरी छिपे धड़ल्ले से मांस बिक रहा है। फर्क सिर्फ इतना आया है कि भैंसा का जो मांस 160 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। डलिया में रखकर घर- घर भेजा जा रहा है। गोपनीय स्थान पर भैंसे काटे जा रहे हैं। 
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मछली कारोबारियों की बल्ले- बल्ले
भैंसा और बकरे का मांस प्रतिबंधित हो जाने के बाद इसका सबसे अधिक फायदा मछली विक्रेताओं को मिल रहा है। पहूंज नदी के किनारे और नंदनपुरा मार्ग पर ग्राहकों की भीड़ लग रही है। पहले जो मछली 150 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी, अब उसके दाम 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। बकरे के मांस का रेट 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये किलो तक पहुंच गया है। 

... तो आगरा से आएगा भैंसे का मांस
शहर में स्लाटरिंग पर रोक लगी है। मांस के कारोबारी परेशान हैं। वह विभिन्न अफसरों के दफ्तरों के चक्कर इसलिए लगा रहे हैं कि कहीं से कोई रास्ता मिल जाए। लेकिन, सफलता नहीं मिलती दिख रही है। कारोबारियों को इत्मिनान हो गया है कि फिलहाल शहर में मांस बिक्री की संभावना नहीं है। इसलिए, अब उन्होंने आगरा स्लाटर हाउस से मांस खरीदकर झांसी में बेचने का प्लान बनाया है। यह प्लान कितना सफल हो पाता है, कह नहीं सकते।

ये हैं मानक
यूं तो मांस बेचने के लिए बहुत से मानक हैं, लेकिन मोटा- मोटा इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि दुकान में पूरी तरह से टाइल्स लगे हों। कांच से बंद हो। दुकान की रंगाई- पुताई प्रतिदिन की जाए। जो भी औजार दुकान में रखे जाएं, वह स्टील के हों। काटने के बाद जानवर का खून इधर- उधर न बहे। दुकान पर फ्रीजर रखना अनिवार्य है। डस्टबिन प्रतिदिन बदली जाए।


डीप फ्रीजर में रखना होगा 
आगरा के स्लाटर हाउस से डीप फ्रीजर में रखकर मांस को झांसी लाकर बेचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए दुकान खोलने की शर्तें भी होंगी। डीप फ्रीजर का तापमान माइनस सौ डिग्री सेल्सियस तक होता है। इस तापमान पर मांस को एक साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है।  
- राजेश द्विवेदी, अभिहीत अधिकारी- औषधि एवं खाद्य प्रशासन विभाग 



मांस बिक्री की शिकायत
झांसी। मसीहा गंज पुलिस चौकी के पास रहने वालेे लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शिवपुरी मेन रोड पर अवैध तरीके से लगाई गई मछली और मुर्गा मांस की दुकानें हटवाने की मांग की है। इस मौके पर रामसेवक, महेश चंद्र, मनोज कुमार, मजबूत सिंह, दीपक कुमार, प्रेम सिंह, शशिकला, राजकुमार उपस्थित रहे।

मुर्गा-मछली व्यापार यूनियन अध्यक्ष बने चंदन
झांसी। बकरा, मुर्गा एवं मछली व्यापार यूनियन ने महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में बैठक की। इसमें सर्व सम्मति से अध्यक्ष चंदन खटीक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इरफान कुरैशी, उपाध्यक्ष सब्बीर कुरैशी, महासचिव विक्रम खटीक, कोषाध्यक्ष मुस्तकीन कुरैशी, सचिव कल्ला कुरैशी समेत अन्य पदाधिकारी चुने गए। इस मौके पर वीरेंद्र खटीक, विपिन खटीक, धीरज चौधरी, शकील कुरैशी, इलियास कुरैशी उपस्थित रहे। 
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