झांसी। मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए प्रदेश के आम बजट से बुंदेलखंड में विकास की बड़ी उम्मीदें जगी हैं। बात परिवहन की हो या स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई, कृषि, उद्योग सभी क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। लोगों का कहना है कि बजट की ये बातें कागजी बनकर न रह जाएं, विकास की योजनाएं धरातल पर साकार हों, तभी क्षेत्र का विकास होगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद से अंदाजा लगाया जाने लगा था कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार जन आकांक्षाओं के अनुरूप बजट पेश करेगी। लोगों की ये उम्मीदें योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट में देखने को मिली हैं। बजट के जरिये सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। शिक्षित युवाओं के लिए मुख्यमंत्री एप्रेंटिसशिप योजना शुरू की गई है। इसमें युवाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। युवा उद्यमिता विकास अभियान के तहत प्रदेश के हर जिले में ‘युवा हब’ बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। रोजगार के मामले में पिछड़े बुंदेलखंड के लिए ये योजना बेहद उपयोगी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि डिफेंस कॉरिडोर में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए हैं। इसके लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार प्राथमिकता से उपलब्ध कराएगी। पानी की समस्या को खत्म करने का प्रावधान जोड़ते हुए बजट में किसानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है, वहीं पहली बार बटाईदार किसानों के लिए बीमा की व्यवस्था की गई है। बुंदेलखंड की बड़ी समस्या अन्ना पशुओं से निपटने के लिए निराश्रित गोवंश भरण - पोषण व गो आश्रय स्थल बनाने का प्रावधान भी बजट में जोड़ा गया है।
यातायात के मामले में भी सरकार ने बुंदेलखंड को खुश करने की कोशिश की है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का इसी माह शिलान्यास करने की घोषणा की गई है, तो वहीं प्रदेश के पांच शहरों समेत झांसी में मेट्रो ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इसके लिए दो सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के अन्य जनपदों समेत ललितपुर में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की बजट में व्यवस्था की गई है।
कुल मिलाकर बजट में सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ किया गया है। अब जरूरत तो बस इसके प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन की है। लोगों का कहना है कि सरकार इसे प्राथमिकता से ले।