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28 मिनट में 2.67 अरब का बजट पास

Thu, 04 May 2017 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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nagar nigam - फोटो : demo
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नौ महीने के इंतजार के बाद हुई मौजूदा बोर्ड की आखिरी कार्यकारिणी बैठक में 2.67 अरब का बजट मात्र 28 मिनट मेें पास हो गया। बिना चर्चा और बिना सवालों के ही पार्षदों ने बजट को स्वीकृति दे दी, जिससे प्रतीत हो रहा है कि वे या तो इस पर तैयारी करके नहीं आए थे, या फिर सब कुछ पहले से ही तय था, हालांकि पार्षदों ने डीजल खर्च में हुई बढ़ोत्तरी पर सवाल जरूर किया। कार्यकारिणी की बैठक में किसी और मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन पिछली कार्यकारिणी की बैठकों की तरह वह स्ट्रीट लाइट पर उलझे रहे।
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बुधवार को महापौर किरन वर्मा की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई। लेखाधिकारी राजीव कुमार चौधरी अवकाश पर होने के कारण मुख्य नगर लेखा परीक्षक राजकिशोर सिंह ने वित्त वर्ष 2017-18 का बजट पढ़ा। कार्यकारिणी सदस्यों ने डीजल खर्च के मद में हुई बढ़ोत्तरी को ज्यादा बताते हुए इसे कम करने को कहा, इस पर नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने उन्हें आश्वासन दिया कि डीजल खर्च में कटौती की जाएगी। सुबह 11.27 बजे बजट की बैठक शुरू हुई। अन्य औपचारिकताओं के बाद बजट 11.36 बजे से पढ़ना शुरू किया गया और 11.55 बजे बजट को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
इस अवसर पर पार्षद मोतीलाल, कन्हैया कपूर, भरत यादव, कनक शिवहरे, चौधरी खुर्शीद, दिनेश सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. राकेश बाबू, मुख्य अभियंता आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता एके शर्मा, सहायक अभियंता एमएल त्रिपाठी, मुख्य सफाई निरीक्षक महेश चंद्र वर्मा, सदन प्रभारी केशव प्रसाद, प्रदीप खरे उपस्थित रहे।
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ऐसे आएंगे पैसे
नगर लेखा परीक्षक राजकिशोर सिंह ने बजट पढ़ते हुए बताया कि सामान्य कर एवं गृहकर आय मद में 17.50 करोड़ रुपये, अमृत योजना में 44 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत मिशन में 07 करोड़, स्मार्ट सिटी के लिए 02 करोड़ और राज्य वित्त आयोग निधि, वेतन, पेंशन एवं विकास कार्यों के लिए 1.28 अरब रुपये आएंगे।

जानिए, किस पर कितना खर्च
डीजल, पेट्रोल और मोबिल ऑयल पर 3.50 करोड़ रुपये, बिजली सामग्री खरीद में 05 करोड़, नए बिजली के खंभे, हाईमास्क लाइट और पार्कों में लाइट पर 5.50 करोड़, सौर ऊर्जा पर 2.50 करोड़, यातायात दिशा दर्शक पर 15 लाख, छुट्टा जानवरों को पकड़ने और छोड़ने पर 10 लाख, कुत्तों की नसबंदी पर 20 लाख, पार्कों के कायाकल्प पर 1.50 करोड़, श्मशान घाट, कब्रिस्तान निर्माण और मरम्मत पर एक करोड़, सड़क, नाली निर्माण, रखरखाव पर 49.50 करोड़, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर 35 करोड़, अमृत योजना में 44 करोड़, स्मार्ट सिटी में 02 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन में 07 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं
वर्तमान बोर्ड की यह आखिरी कार्यकारिणी बैठक थी, इसलिए माना जा रहा था कि पार्षद सड़कों की अव्यवस्था, स्मार्ट सिटी में शहर का क्या स्वरूप होगा, लक्ष्मीताल की बदहाली, अवैध होर्डिंग को लेकर फैला जाल और आठ महीने से ठप चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर चर्चा करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पांच साल के कार्यकाल में ज्यादातर पार्षद नाली, एपेक्स और सफाई के आगे नहीं सोच सके। बजट की बैठक होने के बाद भी कार्यकारिणी सदस्यों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और जैसे ही बजट पढ़ा गया, सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। जबकि, बजट में साल भर के लिए शहर के विकास कार्यों की योजनाओं और उन पर होने वाले खर्च के बारे में चर्चा होनी चाहिए थी।

लेखाधिकारी के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में लेखाधिकारी राजीव कुमार चौधरी अनुपस्थित थे। बताया कि वह अवकाश पर हैं। बजट जैसी महत्वपूर्ण बैठक में अवकाश पर रहने को गंभीरता से लिया गया और कार्यकारिणी सदस्यों ने सर्वसम्मति से लेखाधिकारी को हटाने तथा उनके स्थान पर राजकिशोर सिंह को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया। तय किया गया कि लेखाधिकारी के खिलाफ शासन में भी लिखा जाएगा।

पुनरीक्षित बजट में 375 लाख डीजल खर्च में
2017-18 के मूल बजट से पहले 2016-17 का पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत किया गया, जिसमें डीजल और पेट्रोल मद में 375 लाख रुपये खर्च स्वीकृत किया गया। जबकि, इस साल के मूल बजट में डीजल खर्च फिर से 350 लाख रुपये का प्रावधान कर दिया गया।
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