जुलाई से झांसी-ग्वालियर रेलवे ट्रैक की आईटीआई क्रासिंग पर लोगों को जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। यहां बन रहे अंडरब्रिज का काम जून के अंत तक पूरा हो जाएगा। सिर्फ एक तरफ ही शेड लगाने का काम बाकी रह गया है। जुलाई में वाहनों का आवागमन चालू कर दिया जाएगा। इस ट्रैक से दिन भर में 160 ट्रेनें गुजरती हैं।
साढ़े तीन करोड़ की लागत से आईटीआई रेलवे क्रासिंग पर बने रहे 239 मीटर लंबे अंडरब्रिज में बुधवार को सड़क डालने का काम पूरा कर लिया गया। एक तरफ मुख्य सड़क तक आने के लिए शेड पहले ही बना लिया गया था। अब आबादी की तरफ जाने के लिए दूसरा शेड बनना बाकी रह गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई में यह अंडरब्रिज आम लोगों के लिए खुल जाएगा। मालूम हो कि, ठेकेदार ने विधानसभा चुनाव के पहले ही बालू एकत्र करके रख ली थी, इससे बीच में काम प्रभावित नहीं हो सका।
ये होंगे लाभ
यातायात की दृष्टि से महानगर में आईटीआई रेलवे क्रॉसिंग बेहद अहम मानी जाती है। यह क्रॉसिंग गेट एक तरफ ग्वालियर रोड मुख्य मार्ग को जोड़ने का काम करती है तो दूसरी तरफ सिद्देश्वर नगर, लहरगिर्द व सीपरी बाजार के लिए शार्टकट रास्ता जाता है। इस कारण चौबीस घंटे इस क्रॉसिंग से वाहनों का आवागमन रहता है। चूंकि, यह क्रॉसिंग गेट भोपाल-दिल्ली मुख्य रेल रूट पर है, इसलिए यहां से हर दस मिनट में अप और डाउन की ट्रेन अथवा मालगाड़ी आती जाती रहती हैं। इस कारण अधिकांश समय क्रॉसिंग का गेट बंद रहता है। इससे वाहन चालकों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ओएचई लाइन से रोशन होंगे रेलवे क्रासिंग गेट
झांसी-कानपुर ट्रैक के गेटों पर होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
झांसी-कानपुर रेल लाइन की क्रासिंग गेट पर हाईमास्क स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। इन लाइटों को ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन से जलाया जाएगा। झांसी-कानपुर ट्रैक पर स्ट्रीट लाइटों को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक के साथ ही इस लाइन के सभी क्रासिंग गेट पर स्ट्रीट लाइटें लगाने को मंजूरी दी गई हैं। झांसी से एरच रोड के बीच स्ट्रीट लाइट लगाने का ठेका हैदराबाद की टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। कंपनी ने अभी ग्वालियर रोड, फिल्टर, मुस्तरा, गढ़मऊ समेत छह क्रासिंग गेट पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया है। इन लाइटों को ओवर हेड इलेक्ट्रिक से जलाया जाएगा, ताकि सिविल क्षेत्र की बिजली जाने पर क्रासिंग गेट पर अंधेरा नहीं हो। अभी सिविल क्षेत्र की बिजली से झांसी-कानपुर ट्रैक के क्रासिंग गेटों पर बिजली का इंतजाम किया गया है। अक्सर रात के समय बिजली जाने पर गेटों पर अंधेरा हो जाता है, जिससे दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटना होने की संभावना बनी रहती है।
सीपरी बाजार ओवरब्रिज का काम धीमा
सेतु निगम ने सीपरी बाजार ओवरब्रिज में अपने हिस्से का काम लगभग पूरा कर लिया है। जबकि, बालू की कमी के कारण रेलवे के हिस्से का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। पिछले डेढ़ माह से पिलर बनाने का काम बंद पड़ा है। ऐसी स्थिति के कारण कार्य पूरा होने की अवधि का समय बढ़ता जा रहा है। इस कारण सीपरी बाजार आने-जाने वाले लोगों की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।
पारीछा तक नहीं दौड़ सकी ट्रेन
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक मूलचंद्र चौहान ने झांसी-कानपुर डबल ट्रैक के 21 किलोमीटर हिस्सा (झांसी से पारीछा तक ट्रैक) में मार्च में संचालन शुरू करने का दावा किया था। लेकिन, काम की गति धीमी होने के कारण अभी पारीछा तक डबल ट्रैक पर ट्रेन नहीं दौड़ सकी। मालूम हो कि, झांसी होकर हर रोज पारीछा थर्मल पावर हाउस कोयले से भरी मालगाड़ियां जाती हैं। अभी सिंगल लाइन होने के कारण मालगाड़ियों को निकालते समय अन्य ट्रेनों को रास्ते के स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ता है। पारीछा तक डबल ट्रैक शुरू होने पर अन्य ट्रेनों का संचालन तेज हो जाएगा।