झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की बीएड की फर्जी डिग्री का वेरिफिकेशन करने के संदेह में कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। कर्मचारी को गोपनीय सूचना का सार्वजनिक करने और अभिलेखों में हेरफेर करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है।
पिछले साल मार्च में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के नाम से जारी रमेश कुमार की बीएड की डिग्री का वेरिफिकेशन जन सूचना विभाग में आया था। खास बात ये है कि इसका आधिकारिक रूप से सत्यापन नहीं गया, बल्कि किसी ने चुपचाप डिग्री सही होने की बात लिखकर भेज दी। शक होने पर फिर से डिग्री क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए भेजी गई। यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो जांच समिति गठित कर दी गई। कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने बताया कि बीएड के सत्यापन प्रकरण में गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर जनसूचना विभाग के नैत्यिक सहायक वीरेंद्र सिंह वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। कर्मचारी जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। साथ ही फर्जी सत्यापन का संदेह भी कर्मचारी पर ही है। उन्होंने कहा कि वह खुद इस प्रकरण पर पूरी तरह नजर रखे हुए हैं। समिति को जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। इसके बाद और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।