अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हॉस्टल के सीनियर छात्रों की सशर्त समता हॉस्टल में शिफ्टिंग पर बीयू प्रशासन चार दिन से मौन है। वहीं, चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि कुलपति के अनुमोदन के बाद ही समस्याओं का निदान संभव है। जब अनुमोदन होगा, तब शिफ्टिंग करवा दी जाएगी।
बीयू प्रशासन ने हॉस्टल फीस जमा न करने और जूनियर छात्रों से मारपीट और अभद्रता की शिकायत के चलते सीनियर छात्रों से हॉस्टल खाली कराने का फैसला लिया है। इस पर एकजुट छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। इस पर छात्रों ने बीयू प्रशासन से कहा कि वे समता हॉस्टल में शिफ्ट हो जाएंगे लेकिन समस्याओं का पहले निदान कराया जाएगा। इसके बाद जब बीयू की टीम ने हॉस्टल की समस्याओं को देखा तो उस पर होने वाली खर्च को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली, जिसका अनुमोदन नहीं हुआ है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके सैनी ने कहा कि कुलपति के आने के बाद समस्याओं के निदान पर होने वाले खर्च का अनुमोदन होगा।