अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीयू और संबद्ध काॅलेजों में यूजी-पीजी के छात्रों के दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए फार्म बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद ही समाज कल्याण विभाग काे भेजे जाएंगे। जिनका बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं होगा, उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी।
अभी तक दशमोत्तर छात्रवृत्ति के फार्म कैंपस अथवा कॉलेज में जमा कराए जाते हैं, जिनको जिम्मेदार अधिकारी सत्यापित करके समाज कल्याण विभाग में भेज देते थे। जिससे खामियां रहने की वजह से किसी के खाते में धनराशि नहीं पहुंच पाती थी तो किसी के फार्म में कुछ न कुछ कमी रह जाती थी। गत वर्ष बीयू की एक छात्र ने छात्रवृत्ति नहीं पहुंचने से परेशान होकर आत्महत्या भी कर ली थी। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बायोमैट्रिक सत्यापन के बिना किसी का भी फार्म समाज कल्याण विभाग में नहीं पहुंच सकेगा और छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी।
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किसको कितनी मिलती है छात्रवृत्ति
जानकारों का कहना है कि सामान्य, ओबीसी व अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को सालाना छात्रवृत्ति अधिकतम 50 हजार रुपये मिलती है। वहीं, एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थी को सालाना फीस के अलावा तीन हजार रुपये अतिरिक्त छात्रवृत्ति मिलती है।