- कुलपति की शिकायत, कहा-सीमा से तीन गुना लिया आकस्मिक अवकाश, अनाधिकृत रूप से हो रही विषयों की पढ़ाई अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हिंदी विभागाध्यक्ष ने एक शिक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुलपति से की शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि शिक्षक तय सीमा से तीन गुना आकस्मिक अवकाश ले चुके हैं। इसके अलावा विभाग में चार विषयों को अनाधिकृत रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने वीसी से कार्रवाई की मांग की है।
बीयू में हिंदी विभाग में लंबे समय से शिक्षकों के बीच आपसी टकराव बना हुआ है। अब एक बार फिर ये टकराव सतह पर आ गया है। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत बिसारिया की ओर से कुलपति को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि विभाग के तैनात एक शिक्षक ने शैक्षिक वर्ष 2025-26 में विभागाध्यक्ष से बिना स्वीकृत कराए खुद ही उपस्थिति पंजिका पर अवकाश अंकित कर देय आठ आकस्मिक अवकाशों के सापेक्ष 25 छुट्टियां ले ली हैं। ये शिक्षक आचरण संहिता का उल्लंघन और धोखाधड़ी है। उन्होंने शिक्षक द्वारा देय से अधिक लिए गए आकस्मिक अवकाशों की अवधि का वेतन काटने और कुलसचिव कार्यालय के आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा एक और पत्र कुलपति को सौंपा है, जिसमें विभागाध्यक्ष ने आरोप लगाए हैं कि विभाग में इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, संस्कृत विषयों को अनाधिकृत रूप से संचालित किया जा रहा है। यह भी उक्त शिक्षक के कारण हो रहा है। इससे विद्यार्थियों का कॅरिअर प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने शैक्षिक सत्र 2026-27 से इन विषयों को बंदर करने की मांग की है।