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बीयू : खेल मैदान पर ईंट तो कहीं गड्ढे, अब पीएम-मेरू की धनराशि से काम कराने की तैयारी

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। बीयू का खेल मैदान करीब डेढ़ साल से खेलने लायक नहीं है। इससे एक भी खिलाड़ी मैदान में नजर नहीं आता। सात-आठ माह बाद भी मैदान खेलने लायक बनने की उम्मीद नहीं है। खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।

मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को कैंपस में ही इंडोर-आउटडोर खेलकूद की सारी व्यवस्था होने का दावा किया जाता है, मगर हकीकत एकदम विपरीत है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि आउटडोर गेम में क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल और एथलीट (दौड़) का अभ्यास करने के लिए मैदान पूरी तरह बदहाल है। एकतरफ मलबा पड़ा है तो दूसरी तरफ जगह-जगह गड्ढे हैं। इसके चलते कोई भी खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं करता है। करीब डेढ़ साल से दीवार बनाने का काम चल रहा था। अब काम पूरा हुआ तो पीएम-मेरु के तहत धनराशि आने पर और काम कराया जाएगा।
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0- नहीं हुई आउटडोर गेम की प्रतियोगिताएं

बीयू का मैदान करीब डेढ़ साल से खेलने योग्य नहीं है, जिसकी वजह से हाकी, क्रिकेट, फुटबॉल आदि की कोई प्रतियोगिता नहीं हुई। दौड़ की प्रतियोगिताएं भी नहीं कराई गईं।
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0-वर्जन

बाउंड्री बनाने की वजह से क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल और दौड़ का अभ्यास नहीं हो रहा है। अब पीएम-मेरू के तहत कुछ काम होना है, जिसे पूरा होने में करीब आठ माह लग जाएंगे। दौड़ के लिए 100 मीटर का ट्रैक बनाया है। जब मैदान बनकर तैयार होगा तब खिलाड़ियों को काफी सहूलियत मिलेगी।

डॉ. राजीव बबेले, विभागाध्यक्ष
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