झांसी। लगातार घाटे की मार झेल रहे भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का सरकारी व निजी उपभोक्ताओं पर लगभग सात करोड़ रुपये का बकाया है। जिसमें सरकारी दफ्तरों से 43 लाख व निजी उपभोक्ताओं से चार करोड़ अस्सी लाख रुपये है। इसके अलावा भी कई अन्य निजी विभागों पर भी बकाया है। बीएसएनएल द्वारा वसूली के लिए तहसील स्तर पर छह टीमों गठन भी किया गया है। लेकिन, वसूली की गति धीमी होने का खामियाजा बीएसएनएल को उठाना पड़ रहा है।
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सालों से बिलों की अदायगी नहीं होने के कारण विभाग के लगभग सात करोड़ रुपये सरकारी व गैर सरकारी विभागों के अलावा निजी उपभोक्ताओं पर बकाया है। जिसका सीधा असर कंपनी के कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। भुगतान में सबसे अधिक पोस्टपेड मोबाइल, बेसिक फोन, सर्किट का बकाया भुगतान है। विभाग द्वारा वसूली के लिए कई बार नोटिस तो जारी कर दिए गए हैं। लेकिन, भुगतान की वसूली नहीं हो पा रही है। वसूली के लिए विभाग द्वार टीमों का गठन भी किया गया है। जिसका असर भी दिखने लगा है। वसूली टीमों द्वारा अप्रैल से अब तक पचपन लाख रुपये की वसूली की गई है। जबकि पहले शून्य की स्थिति थी।
इस संबंध में महाप्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि बकाएदारों को नोटिस भेजा जा रहा है। साथ ही वसूली के लिए छह टीमों का गठन कर वसूली की जा रही है। टीमों द्वारा बकाएदारों से संपर्क कर वसूली की जा रही है।