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बहन ने दिया बड़े भाई की अर्थी को कंधा

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बड़े भाई की आर्थी को कंधा देतीं बहन। - फोटो : REPORTERS
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झांसी। आमतौर पर मृत शरीर को कंधा देकर पुरुष ही शमशान तक छोड़कर आते हैं। लेकिन, अब ये रवायतें बदल रही हैं। पुरुषों के एकाधिकार वाले इस कर्मकांड में महिलाएं भी अपने हिस्सेदारी निभा रही हैं। मंगलवार महानगर में एक महिला ने अपने बड़े भाई की अर्थी को कंधा देकर परंपराओं से इतर महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश की।
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सोमवार की रात खैलार निवासी राजेश रावत (54) थाना कोतवाली स्थित पुरानी पसरठ में रहने वाली अपने बहन आशा के घर आये थे। रात को घर लौटते समय अचानक जेल चैराहा पर तबीयत खराब हो गई। जिससे मौके पर ही गिरकर मौत हो गई थी। पुलिस ने मौके पर शिनाख्त कर बहन को बुलाया था। जहां बहन ने पुलिस को बताया था कि वह अकेले रहते थे। उनके पास आते-जाते थे। मंगलवार को पोस्टमार्टम होने के बाद शव बहन को सौंपा गया। बहन ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर भाई की अर्थी को कंधा दिया। हालांकि, अंतिम यात्रा में मृतक के अन्य परिजन भी शामिल हुए और मुखाग्नि चचेरे भाई ने दी।
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