झांसी में दहेज में कार नहीं मिलने से नाराज दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा। एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर की शादी रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी की बेटी से तय हुई थी। दोनों की सगाई भी हो चुकी थी और दो दिसंबर को शादी होनी थी, लेकिन इससे पहले दूल्हे ने कार की मांग कर दी। दुल्हन पक्ष की ओर से कार देने में असमर्थता जताई गई तो दूल्हे ने शादी से मना कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी की 22 साल की बेटी की शादी कोछाभांवर निवासी एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर आकाश से तय हुई थी। 10 अक्तूबर को होटल में दोनों की रिंग सेरेमनी हुई थी। दो दिसंबर को शादी होनी थी।
शादी के लिए विवाह घर बुक कर लिया गया था और शादी के कार्ड भी बांटे जाने लगे थे। लेकिन, ऐन वक्त पर वर पक्ष की ओर से दहेज में कार की मांग की गई। लड़की वालों की ओर से इसे देने में असमर्थता जताई गई। इस पर दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा। इससे शादी वाले घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। लड़की के परिजनों का बुरा हाल है।
लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस ने वर पक्ष के आकाश, रविंद्र, धर्मेंद्र, खेमवती, रोशनी, मोहिनी, प्रवीण व कमलेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।