जिला महिला अस्पताल में कार्यरत एक नर्स ने ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से तीन से चार हजार रुपये लिये गये थे। जिसकी शासन में शिकायत की गई थी। जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने तीन सदस्यीय चिकित्सकों की समिति का गठन किया है।
शिकायती पत्र में पते की जगह बीएचटी (बेड हेड टिकट) नंबर अंकित होने के कारण जांच समिति द्वारा मरीजों के अस्पताल के रिकार्ड के आधार पर पते खंगालना शुरू कर दिया है। पते पर पत्र लिखकर सभी मरीजों को अस्पताल में बुलाकर बयान दर्ज कराये जाएंगे।
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि अस्पताल की एक चर्चित नर्स ने अस्पताल में इलाज कराने आई निशा, चांदनी, रुखसार, श्रुति व शायना से ऑपरेशन के नाम पर तीन से चार हजार रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
घबराकर मरीजों ने रुपयों की मांग को पूरा किया था। आरोप है कि उक्त नर्स टीबी अस्पताल संबद्ध होने के बाद भी ऑपरेशन थियेटर का चार्ज लिये हुए है। नर्स के खिलाफ आवाज उठाने पर वह खुदकुशी कर फंसाने की धमकी देती है। पूर्व में एक कनिष्ठ नर्स के साथ अस्पताल में ही मारपीट भी कर चुकी है। नर्स के आतंक से अस्पताल के सभी छोटे व बड़े कर्मचारी काफी भयभीत रहते हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने शिकायत की जांच के लिए डॉ. प्रदीप पांडे, डॉ. पुष्पलता वर्मा व डॉ. बीके गुप्ता की तीन सदस्यीय समिति का गठन कर सप्ताह भर में रिपोर्ट देने का आदेश दिया था।
जांच समिति के सदस्य डॉ.बीके गुप्ता ने बताया कि शिकायती पत्र पर पते की जगह अस्पताल का बीएचटी नंबर होने के कारण अस्पताल के रिकार्ड से मरीजों के पते को निकाला जा रहा है।
पते पर पत्र लिखकर सभी को बयान के लिए अस्पताल बुलाया जाएगा। साथ ही आरोपी नर्स को भी पत्र लिखकर बयान दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। जरूरत होने पर अन्य स्टॉफ के भी पूछताछ होगी। जल्द ही, जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।