झांसी। बुंदेली संस्कृति और विरासत को सहेजे झांसी में मनोरंजन के रंग घोलने के लिए छह साल बाद फिर से झांसी महोत्सव का शनिवार को आगाज हुआ। इस मौके पर प्रख्यात गायिका सोना महापात्रा ने अपने गीतों पर लोगों को झुमाया। वहीं स्कूली बच्चों ने जमकर धूम मचाई।
झांसी में साल 2013 के बाद से पारंपरिक महोत्सव का आयोजन बंद कर दिया गया था। साल 2020 में जिला प्रशासन ने लोगों के स्वस्थ मनोरंजन के लिए पुरानी परंपरा को जीवंत करने की तैयारी की। कई दिनों से चल रही तैयारियों के बीच शनिवार को झांसी महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। कार्यक्रम में मेयर रामतीर्थ सिंघल, विधायक रवि शर्मा, एमएलसी रमा निरंजन, मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, आईजी सुभाष सिंह बघेल ने मुक्ताकाशी मंच पर दीप जलाकर महोत्सव की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही सभी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मतदान करने की शपथ दिलाई। डीएम शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि महोत्सव के दौरान सात दिन तक विभिन्न थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी और लोगों को जागरूक करने के लिए तमाम योजनाओं की जानकारी जाएगी।इस मौके पर एसएसपी डी प्रदीप कुमार, सीडीओ निखिल टीकाराम फुंडे, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, एसडीएम संजीव मौर्य मौजूद रहे।
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मेरे रश्के कमर, तूने पहली नजर...
झांसी। झांसी महोत्सव के मुक्ताकाशी मंच पर शनिवार को गायिका सोना महापात्रा ने जमकर धमाल मचाया। इस दौरान युवा गीतों पर जमकर झूमे। गायिका सोना महापात्रा ने मंच पर पहुंचते ही गा जग मंगल जा शिव स्तुति का गान किया। इसके बाद उन्होंने गीत जिया जाए ना, तुम बिन, आजा वे आजा वे, आफरीन-आफरीन, मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर, जुगनी, अंबरसरिया, मुझे क्या बेचेगा रुपैया गीत, होलिया में उड़े रे गुलाल समेत बुंदेली गीत की प्रस्तुति दी। महिला सशक्तीकरण की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि झांसी की संस्कृति में गीत और संगीत बसा हुआ है।
झांसी महोत्सव में पार्श्व गायिका सोना महापात्रा ने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर ?