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...वो लड़की से लड़का बनकर सहेली से करना चाहती है शादी

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झांसी में भी समलै​ंगिता के कई केस सामने आए है। - फोटो : ???? ????
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...वो लड़की से लड़का बनकर सहेली से शादी करना चाहती है
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प्रशांत शर्मा
झांसी। झांसी में समलैंगिकता के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें कोई लड़की लड़का बनकर सहेली से शादी करना चाहती है तो कोई युवक अपने दोस्त के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने लगा है। जिस किसी परिजन को भी अपने बेटे या बेटी के समलैंगिक होने का पता चलता है तो उनके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। कई परिजनों ने अपने बच्चों का इलाज मनोचिकित्सक के पास शुरू भी कराया है। पिछले दिनों ललितपुर में रिश्ते की बहनों ने भी एक दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई थी। मामला पुलिस तक पहुंचा था।
जिला अस्पताल में तैनात मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि समलैंगिक होने के मामले पता चलने पर परिजन बच्चों के साथ नाराजगी, दबाव बनाना या फिर कभी-कभार मारपीट भी करने लगते हैं, जो कि बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्हें बच्चों की मनोदशा को समझकर अच्छा व्यवहार करना चाहिए। धीरे-धीरे बच्चों को समझाने की कोशिश करनी चाहिए। यदि बच्चों पर दबाव बनाएंगे तो वह एंजाइटी या फिर डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं। कई तो नशे के आदी हो जाते हैं। वहीं, डिप्रेशन में आकर युवक-युवती ने आत्महत्या करने तक का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि अब समलैंगिकता के मामले बढ़ने लगे हैं। पिछले डेढ़-दो साल में 10 मामले सामने आ चुके हैं। पारिवारिक माहौल शांत रहे, इसके लिए वह फैमिली थेरेपी देती हैं। परिजनों को समझाती हैं कि बेटा या बेटी के साथ मारपीट न करें, बंदिशें न लगाएं। यह कोई बीमारी नहीं है। इसलिए इसकी कोई दवा नहीं है। काउंसिलिंग और इलाज करके व्यवहार या सोच में कुछ सुधार किया जा सकता है। संवाद ही सामान्य जीवन का एकमात्र उपाय है।
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ये रखें ध्यान
- मां-बाप बच्चों को लेकर शुरू से जागरूक रहें कि कहीं बच्चा समान जेंडर के प्रति आकर्षित तो नहीं हो रहा।
- बच्चा ऐसा व्यवहार तो नहीं करने लगा है कि वो उसके जेंडर के विपरीत हो।
- यदि ऐसा होता है तो काउंसिलिंग के लिए मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
- आधुनिकता की दौड़ में भारतीय परिवेश और संस्कृति से बच्चों को जोड़े रखें।
ये हैं मामले
केस-1
सहेली के प्रति एकतरफा प्यार, लड़कों से शादी से इंकार
25 साल की युवती को उसकी मां लेकर जिला अस्पताल पहुंचती है। युवती का बिल्कुल लड़कों जैसा पहनावा, बोलचाल है। शादी के लिए कई प्रस्ताव आए मगर लड़की ने सभी ठुकरा दिए। मां ने मनोचिकित्सक को बताया कि शादी के लिए ज्यादा दबाव बनाया तो एक दिन बेटी कुएं में कूद गई। वह कहती रहती है कि लड़का हूं। इसलिए किसी लड़के से शादी नहीं करूंगी। काउंसलिंग के जरिए पता चला कि वह अपनी सहेली के प्रति एकतरफा आकर्षण में पागल है। जबकि, वो उसे दोस्त समझती है। इलाज के बाद अब उसमें बदलाव आना शुरू हो गया है।
केस-2
समलैंगिक संबंधों के दबाव में मानसिंह रोगी बन गया
शहर का रहने वाला एक युवक अपने दोस्त के साथ रिलेशनशिप में था। वह अपनी यह बात किसी को बता भी नहीं पा रहा था और परिजन उस पर शादी करने का दबाव बना रहे थे। इस कारण वह गुस्से में घर में तोड़फोड़ करता रहा था। परिजनों ने उसका सालों इलाज कराया। कहीं से भी लड़के को कोई राहत नहीं मिली, उल्टा वह मानसिक रोग से ग्रस्त हो गया। अंत में परिजन लड़के को मनोचिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। काउंसलिंग में जब हकीकत पता चली तो मनोचिकित्सक ने परिजनों को भी समझाया। अब तीन-चार महीने जिंदगी सामान्य हो रही है।
केस-3
ज्यादा टोकाटाकी बर्दाश्त नहीं हुई तो काट ली नस
सौंदर्य प्रसाधन व्यवसाय से जुड़ीं दो युवतियों में भी एक-दूसरे के प्रति आकर्षण हो गया। दोनों में रिलेशनशिप हो गईं। इनमें से एक युवती रिश्ते को लेकर इतनी गंभीर हो गई कि वह अपनी सहेली का किसी दूसरे से बात करना भी बर्दाश्त नहीं कर पाती थी। किसी लड़के या लड़की से बात करने पर वह सहेली को बहुत ज्यादा टोकने लगी। इससे परेशान सहेली ने अपने हाथ की नस काट ली। फिर सहकर्मी ही उसे मनोचिकित्सक के पास लेकर आए। उसका इलाज शुरू हुआ। अब वह उसे सामान्य करने का प्रयास करने में लगी हुई हैं।
केस-4
जेंडर बदलने पर अड़ी हुई है युवती, परिजन चिंतित
सिविल लाइन निवासी एक युवती अपना जेंडर बदलने की बात पर अड़ी हुई है। इसके बारे में उसने पूरी तहकीकात भी कर ली और फिर परिजनों को इसकी जानकारी दी। यह बात सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो उसने कहा कि वह अपने शरीर से नफरत करने लगी है। इसलिए वह लड़का बनना चाहती है। वह एक लड़की को पसंद करती है। जेंडर बदलवाने के बाद वह उससे शादी कर लेगी। उसका मनोचिकित्सक के पास अभी इलाज शुरू हुआ है मगर फिर भी वो जेंडर बदलवाने की बात पर अड़ी हुई है।
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केस-5
परिजनों के दबाव में शादी की फिर पत्नी-बच्चे को छोड़ दिया
झांसी के एक व्यक्ति ने परिजनों के दबाव में शादी कर ली। उसका एक बेटा भी हो गया। फिर एक दिन वह बिना बताए घर छोड़कर चला गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। बैंक अकाउंट के जरिए किसी तरह उसके दक्षिण भारत में होने की जानकारी मिली। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि वो अपने दोस्त के साथ रिलेशनशिप में है और उसी के संग रह रहा है। परिजनों ने उसे काफी मनाने का प्रयास किया लेकिन वो नहीं माना। अभी भी वह परिवार से अलग होकर अपने दोस्त के साथ ही जीवन व्यतीत कर रहा है।
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