झांसी। बुंदेलखंड महाविद्यालय में हुए गोलीकांड ने तीन परिवार ही नहीं, पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। इतनी बड़ी वारदात के बाद हर मां-बाप का दिल, अब बच्चों को शिक्षा के मंदिर में पढ़ने के लिए भेजने से डरने लगा है।
परिजनों की एक सुर में मांग है कि स्कूल और कॉलेजों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए। छोटी घटनाओं को भी हल्के में लेकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। स्कूल व कॉलेजों में काउंसलिंग सेल का गठन कर बच्चों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। स्वयं अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार पर नियमित नजर रखनी चाहिए। किसी भी छात्र के व्यवहार में परिवर्तन आए या फिर वह तनाव अथवा गुमसुम रहने लगे तो उसकी काउंसलिंग कराई जानी चाहिए।
ये बोले अभिभावक
बीकेडी परिसर में गोलीकांड ने सभी को चौका दिया है। यह दर्शाता है कि शिक्षा के मंदिर में भी कभी भी कोई घटना हो सकती है। ऐसे में कॉलेज गेट पर मैटल डिटेक्टर लगें। ताकि, भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो पाए। - सीमा राजपूत, रसवहार कॉलोनी।
अब तो बच्चों को स्कूल व कॉलेज भेजने से डर लगने लगा है। अब पढ़ाई के बाद जब तक बच्चा घर नहीं लौटेगा, तब तक चिंता सताती रहेगी। स्कूल व कॉलेज में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए। - विपिन कुमार, पारीछा।
इस घटना से समाज को सबक लेना चाहिए। हर अभिभावक को अपने बच्चों की गतिविधियां, व्यवहार पर लगातार नजर रखनी चाहिए। यदि उसका स्वभाव बदलता है तो काउंसलिंग की जानी चाहिए। - बालकिशन सकरैया, सीपरी बाजार।
स्कूल और कॉलेज का कोना-कोना न सिर्फ सीसीटीवी कैमरे की निगहबानी में रहना चाहिए, बल्कि सीसीटीवी कक्ष से भी नियमित मॉनीटरिंग होनी चाहिए। कहीं भी कुछ गड़बड़ लगे तो तुरंत उस पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। - रेणु चौहान, खाती बाबा।
बहुत ही ह्रदयविदारक घटना है। जब से घटना हुई है, तब से युवाओं की मनोदशा को लेकर चिंतित हूं। युवा सोच कहां जा रही है, यह सबके लिए सोचनीय विषय है। युवाओं को बहुत अधिक काउंसलिंग की जरूरत है। - अनूप गर्ग, ओम शांति नगर।
अब तो शिक्षा का मंदिर भी बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। स्कूल व कॉलेज में ऐसा अनुशासन का माहौल होना चाहिए, ताकि कोई भी छात्र ऐसी घटना को अंजाम न दे पाए। इस घटना से बहुत ज्यादा दुखी हूं। - महेश सिंधी, मिनर्वा।