झांसी। अतिक्रमणरोधी दस्ते में शामिल कर्मचारी को हटाने की मांग को लेकर दूसरे दिन बुधवार को भी नगर निगम में जमकर हंगामा हुआ। नाराज कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय का दरवाजा बंद करके धरने पर बैठ गए। नगर आयुक्त कार्यालय में भी हंगामा किया। नगर आयुक्त ने अभद्रता मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
नगर निगम के अतिक्रमणरोधी दस्ते एवं भाजपा के मंडल मंत्री सूरज कोठारी के बीच मंगलवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान विवाद हो गया था। भाजपा नेताओं का आरोप है दस्ते में शामिल टीएन पस्तोर ने भाजपा नेता के साथ अभद्रता की। उनको धक्का दिया एवं उनके साथ मारपीट की। इसके बाद मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोपी कर्मचारी को हटाने की मांग को लेकर नगर निगम मेें जमकर प्रदर्शन किया था। निगम प्रशासन ने आरोपी कर्मचारी को दस्ते से हटाकर कार्यालय से संबंद्घ कर दिया लेकिन, इससे भाजपा कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं हुए।
बुधवार दोपहर बारह बजे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता फिर नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय के दोनों गेट बंद कराकर वहीं धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ता आरोपी कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने की मांग पर अड़े थे। करीब आधे घंटे तक कार्यकर्ता निगम गेट पर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। हंगामे की सूचना पर नगर आयुक्त अवनीश राय भी पहुंच गए। उनके आने की सूचना पर दर्जनों कार्यकर्ता नगर आयुक्त कार्यालय के भीतर घुस गए। वहां कार्यकर्ताओं ने उपद्रव करना शुरू कर दिया। नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वरिष्ठ नेताओं के समझाने-बुझाने के बाद कार्यकर्ता किसी तरह शांत हुए। नगर आयुक्त ने अभद्रता मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कार्यकर्ताओं के हंगामे के चलते शाम तक नगर निगम कार्यालय में हंगामा होता रहा। इस दौरान पार्षद किशोरी रायकवार, संजीव अग्रवाल लाला, मनोनीत पार्षद मन्नी सरदार समेत दर्जनों अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नगर आयुक्त के सख्त तेवर के बाद ढीले पड़े कार्यकर्ता
भाजपा कार्यकर्ता तत्काल आरोपी कर्मचारी को निलंबित करने की मांग पर अड़े थे। पहले नगर आयुक्त अवनीश राय ने समझाने की कोशिश की लेकिन, कार्यकर्ता कोई बात सुनने को राजी नहीं थे। अपनी मांग पर वह अड़े हुए थे। कार्यकर्ताओं के रवैये को देखकर नगर आयुक्त ने अपना रवैया सख्त किया। उन्होंने दो टूक कहा कि बिना जांच के किसी भी कर्मचारी के खिलाफ वह कार्रवाई नहीं करेंगे। नगर आयुक्त के सख्त तेवर को देखने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का रवैया नरम हुआ। इसके बाद वह भी नगर आयुक्त की बात से सहमत हो गए।
हंगामे के चलते नहीं हुआ काम-काज, लोग परेशान
कार्यकर्ताओं ने नगर निगम में प्रवेश के गेट भी बंद कर दिए थे। इस वजह से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी। तमाम लोग रोजाना नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर जमा करने समेत अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं लेकिन, उनको भी इस वजह से परेशान होना पड़ा।