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भाजपा में एक नाम पर नहीं बन पाई सहमति

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भाजपा में एक नाम पर नहीं बन पाई सहमति, गेंद प्रदेश के पाले में
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झांसी। भारतीय जनता पार्टी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर लंबी रस्साकसी के बाद भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में पार्टी की जिला इकाई की ओर से चार नाम प्रदेशीय नेतृत्व को भेज दिए गए हैं। अब प्रदेश इकाई ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार का नाम तय करेगी।
जिला पंचायत के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता तो हासिल नहीं हो पाई, लेकिन भाजपा जिला पंचायत में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। भाजपा जिला पंचायत के 24 सदस्यों में नौ अपने बनाने में कामयाब हो गई है। ऐसे में अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए भाजपा को चार सदस्यों के सहयोग की भी आवश्यकता होगी। हालांकि, पार्टी इसे कठिन काम नहीं मान रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कई निर्दलीय चुने गए जिला पंचायत सदस्य उनके संपर्क में हैं। ऐसे में जिला पंचायत में बहुमत आसानी से हासिल कर लिया जाएगा। फिलहाल, पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार का नाम तय करने की है। चूंकि, जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। भारतीय जनता पार्टी के चार अनुसूचित जाति के सदस्य जिला पंचायत में पहुंचे हैं। इनमें से एक नाम पर सहमति बनाने के लिए चुनाव परिणाम आने के बाद से ही जद्दोजहद शुरू हो गई थी। संगठन के भीतर खेमेबाजी भी शुरू हो गई थी। लेकिन, तमाम कोशिशों के बाद भी जिला संगठन एक नाम तय नहीं कर पाया। ऐसे में जिला इकाई ने गेंद प्रदेश संगठन के पाले में डाल दी है। अनुसूचित जाति के चारों सदस्यों के नाम प्रदेश मुख्यालय भेज दिए गए हैं। प्रदेश मुख्यालय ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार का नाम तय करेगा।
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सपा में एक नाम पर बनी सहमति
झांसी। जिला पंचायत में समाजवादी पार्टी के चार अधिकृत उम्मीदवार ही जीत कर पहुंचे हैं। लेकिन, कई ऐसे सदस्यों ने भी जीत दर्ज की है, जिनकी गिनती सपा के कद्दावर लोगों में होती है। पार्टी का दावा है प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से उसके पास जिला पंचायत में दस से अधिक सदस्य हैं। अन्य सदस्यों का भी उसे समर्थन हासिल है। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा बरकरार रखना उसके सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं है। सपा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जिला स्तर पर एक नाम पर सहमति बन गई है। अनुमोदन के लिए प्रस्ताव प्रदेशीय नेतृत्व के पास भेजा जा रहा है।
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भाजपा के अनुसूचित जाति के चार जिला पंचायत सदस्य हैं। स्थानीय स्तर पर किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में अनुसूचित जाति के चारों सदस्यों के नाम प्रदेशीय नेतृत्व को भेज दिए गए हैं। पार्टी नेतृत्व जिसके नाम पर मुहर लगा देगा, उसके समर्थन में पार्टी मैदान में उतर आएगी।
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- मुकेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष - भाजपा
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समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत में अनुसूचित जाति के दो सदस्य चुनकर आए हैं। इनमें से एक नाम पर जिला इकाई की सहमति बन गई है। अनुमोदन के लिए प्रस्ताव प्रदेशीय नेतृत्व के पास भेजा जा रहा है। जिला पंचायत में सपा को बहुमत हासिल है। हम अपना अध्यक्ष आसानी से बना ले जाएंगे।
- महेश कश्यप, जिलाध्यक्ष - सपा
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