स्पेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनेडा के साथ मिलकर फोरेंसिक साइंस क्षेत्र में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय शोध करेगा। बीयू के छात्र स्पेन जाकर प्रशिक्षण भी ले सकेंगे। बीच-बीच में ग्रेनेडा यूनिवर्सिटी के शिक्षक बीयू आकर शोध कार्यों की मॉनीटरिंग करेंगे। इसके लिए हाल में बीयू और ग्रेनेडा यूनिवर्सिटी में करार हुआ है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रदेश का ऐसा एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय है, जहां फोरेंसिक साइंस विभाग चल रहा है। हाल ही में इसका नाम बदलकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी किया गया। विभाग के समन्वयक डॉ. अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ दिन पहले स्पेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनेडा के साथ बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी ने संयुक्त रूप से रिसर्च और ट्रेनिंग करने के लिए करार किया है।
करार होने के बाद अब बीयू छात्रों को शोध करने के लिए ग्रेनेडा यूनिवर्सिटी की ओर से सुविधाएं दी जाएंगी। व्यावहारिक अभ्यास, लैब में प्रशिक्षण के साथ ही ग्रेनेडा विश्वविद्यालय में होने वाले परियोजना/शोध प्रबंध कार्यों से बीयू छात्रों को जोड़ा जाएगा। जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विशिष्ट गतिविधियों की योजना बनाई जाएगी।
डीएनए प्रोकिट्स प्रोजेक्ट से भी जुड़ सकते
खोए हुए बच्चों की पहचान के लिए ग्रेनेडा यूनिवर्सिटी की ओर से चलाए जा रहे डीएनए प्रोकिट्स प्रोजेक्ट से भी बीयू के जुड़ने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट अभी 18 देशों में चल रहा है और 700 से भी ज्यादा बच्चों को चिह्नित कर उनके परिजनों से मिलाया गया है। चूंकि, बीयू और ग्रेनेडा के बीच संयुक्त रूप से रिसर्च करने का करार हो गया है, इसलिए फोरेंसिक साइंस विभाग समन्वयक ने भी भविष्य में इस प्रोजेक्ट से भी जुड़ने की उम्मीद जताई है।