अब सरकारी राशन की दुकानों का निलंबन उपजिलाधिकारी नहीं कर सकेंगे। बल्कि, यह अधिकार जिलाधिकारी के पास होगा। हालांकि, उपजिलाधिकारी निलंबन के लिए संस्तुति कर सकेंगे। शासन ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश की नई सरकार ने कई नियमों में फेरबदल किया है। इनमें से गांवों में सरकारी राशन की दुकानों के निलंबन का मामला भी शामिल है। जिले में सरकारी राशन की 821 दुकानें हैं। यहां सरकारी दामों में लोगों को राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। अकसर राशन विक्रेताओं पर सामग्री वितरण में मनमानी और घटतौली के आरोप लगते रहे हैं। इसकी शिकायतें तहसील दिवसों व अन्य माध्यमों से ग्रामीणों द्वारा की जाती रही हैं।
जांच के बाद अनियमितता की शिकायत सही पाए जाने पर राशन विक्रेता का निलंबन कर दिया जाता है। निलंबन का यह अधिकार अभी तक संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारियों के पास था। लेकिन अब शासन ने पारदर्शिता लाने के लिए इस नियम में बदलाव किया है।
नए नियमों के तहत राशन विक्रेता पर अनियमितता के आरोपों की जांच एसडीएम कर सकेंगे, लेकिन वह निलंबन नहीं कर पाएंगे। एसडीएम द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी उक्त राशन विक्रेता को निलंबित करेंगे। इस संबंध में शासन ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
राशन विक्रेताओं के लिए स्वाइप मशीनें आईं
झांसी। कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए राशन की दुकानों पर स्वाइप मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत पहले चरण में 26 मशीनें आ गई हैं। ललितपुर और जालौन जिला के लिए भी मशीनें आ गई हैं।
नोटबंदी के दौरान राशन की दुकानों को कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने को कहा गया था। इसके लिए स्वाइप मशीनें मंगाने की बात हुई थी। जिले में राशन की 821 दुकानें हैं। इन दुकानों में से 26 दुकानों में स्वाइप मशीन लगाकर पैसे का ट्रांजेक्शन होगा। इसके अलावा ललितपुर में 56 स्वाइप मशीनें और जालौन जिला में 23 स्वाइप मशीनें आ गई हैं। अब इन मशीनों को राशन विक्रेताओं को दिया जाएगा।
मंडलायुक्त के राममोहन राव ने स्वाइप मशीनों को दुकानों पर लगाने और उनके ठीक तरह से काम करने की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह जांच इसलिए भी हो रही है, ताकि यह देखा जा सके कि राशन विक्रेता मशीनों का उपयोग कर रहे हैं या नहीं।