साइबर ठग जालसाजी के लिए बिंगो मॉड नामक वायरस का धड़ल्ले से इस्तेमाल करने लगे हैं। एपीके अथवा किसी लिंक के सहारे चोरी से जालसाज इस वायरस को किसी के मोबाइल में डाउनलोड कराकर उसका बैकिंग डेटा समेत तस्वीरें भी निकाल ले जाते हैं। इसके सहारे जालसाजी से लेकर ब्लैकमेल तक करते हैं। साइबर पुलिस के पास कई ऐसे मामले आ चुके हैं। पुलिस ने इससे सचेत रहने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।
साइबर विशेषज्ञ डॉ. राजीव त्रिपाठी के मुताबिक, साइबर जालसाज सोशल मीडिया की मदद से एक फाइल के सहारे बिंगो मॉड वायरस किसी भी मोबाइल फोन में इंस्टॉल करा देते हैं। इसके इंस्टॉल होते ही मोबाइल पर आसानी से नियंत्रण मिल जाता है। उपयोगकर्ता के बैंक खाते से लेकर फोटो गैलरी तक जालसाज की पहुंच हो जाती है। वायरस की खासियत यह है कि उपयोगकर्ता के मोबाइल के हैक होने के कुछ मिनट के भीतर वायरस खुद को नष्ट कर लेता है। मोबाइल को फैक्टरी मोड में फॉर्मेट कर देता है। मोबाइल हैक होने के बाद जालसाज आसानी से फोटो गैलरी में पहुंच बना लेता है। जालसाज तस्वीरें भी चोरी करके लोगों को ब्लैकमेल करते हैं। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि साइबर जालसाजों से बचने के लिए जागरुकता सबसे आवश्यक है। इसके बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
बचने के लिए अपनाएं ये तरीके
इस वायरस से बचने के लिए किसी अंजान लिंक पर क्लिक न करें। अपने मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहें। किसी के बहकावे में आकर किसी तरह की कोई एप डाउनलोड न करें। मोबाइल के अंदर फोटो गैलरी को भी लॉक करके रखें। टेलीग्राम के माध्यम से पैसे कमाने के लुभावने ऑफर न आएं। सामान पहुंचाने के लिए अधूरा पते का मैसेज आने पर जानकारी साझा न करें।