झांसी। एक तरफ बिजली विभाग राजस्व वसूली पर जोर दे रहा है, दूसरी ओर विभाग के ही लोग हर महीने लाखों रुपये की चपत लगा रहे हैं। सोमवार को चेकिंग के लिए निकली बिजली विभाग की टीम ने स्टोर रीडिंग का मामला पकड़ा। गृहस्वामी और मीटर रीडर की मिलीभगत से विभाग को हजारों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
दरअसल, सोमवार को विद्युत विभाग की टीमें छापेमारी के लिए शहर भर में निकलीं। विद्युत वितरण खंड प्रथम में अधिशासी अभियंता डी. यादवेंदु के निर्देशन में नौ टीमों ने रानीमहल सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान बंगलाघाट, तलैया, छनियापुरा, सागर गेट, सुभाषगंज, लक्ष्मीगेट, जुगयाना में 647 कनेक्शन चेक किए गए। जिसमें एक उपभोक्ता के मीटर में 3829 रीडिंग स्टोर पाई गईं। पूछताछ में पता चला कि हर महीने मीटर रीडर को उपभोक्ता कम रीडिंग अंकित करा देते थे। स्टोर रीडिंग का मूल्य करीब 40 हजार रुपये बताया जा रहा है। मामले की पोल खुलने के बाद विभाग की टीम हैरत में पड़ गई। आनन-फानन में उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद उपभोक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। चेकिंग के दौरान 10 जगह बिजली चोरी और तीन जगहों पर एक परिसर से दूसरे परिसर में बिजली जलती पाई गई। इस दौरान एसडीओ आलोक प्रकाश, चंद्रेश, कन्हैयालाल, डीवी सिंह, जेई परमेश्वरी गौराई, संतोष कुुमार, अनिल कुमार, हरिओम मौजूद रहे।
27 जगह मिली बिजली चोरी
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता अनुभव कुमार के निर्देशन में तीन टीमों ने तालपुुरा, ओरछा गेट, कसाई मंडी, कपूर टेकरी, प्रेमनगर के नैनागढ़, तलैया और भट्टागांव में चेकिंग की। जिसमें 27 जगह बिजली चोरी पकड़ी गई। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। टीम में एसडीओ नवीन जिंदल, मुकेश चौरसिया, जेई रमेश चंद्र, बलवान, चंद्रभान, सदागुरू शरण शामिल रहे।