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जरूरतें पूरी करना मुश्किल, स्कूल की फीस जमा करना बड़ी चुनौती

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big challenge to submit school fee
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झांसी। लॉकडाउन की वजह से काम - धंधे बंद पड़े हुए हैं। इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा है। लोगों के हाथों से काम छिन गया है। इन परिस्थितियों में तमाम लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है। उस पर अप्रैल माह में तीन माह की बच्चों की स्कूल फीस जमा करना लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। खासतौर पर महिलाएं इसे लेकर ज्यादा चिंतित हैं। उनकी ओर से स्कूल प्रबंधनों से अपील की जा रही है कि वे तीन माह की फीस माफ कर अभिभावकों को राहत देने का काम करें। उनका कहना है कि जब कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में हर कोई एकदूसरे की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा रहा है, तो ऐसे में स्कूल प्रबंधनों को आगे आना चाहिए। उन्हेें फीस माफ कर अभिभावकों को बड़ी राहत देने का काम करना चाहिए।
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स्कूल और बच्चों का गहरा नाता होता है। आपदा के इस दौर में इस रिश्ते को निभाने की बड़ी जिम्मेदारी अब स्कूलों की है। उन्हें फीस माफ कर अभिभावकों को राहत देने का काम करना चाहिए।
- रजनी तिवारी, नई बस्ती
स्कूलों द्वारा हर साल गर्मी की छुट्टियों की भी फीस वसूल की जाती है। आपदा के इस दौर में पहली बार रियायत देने का मौका आया है। स्कूलों को आगे बढ़कर अभिभावकों की मदद करनी चाहिए।
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- साधना विश्वकर्मा, खातीबाबा
लॉकडाउन की वजह से तमाम लोगों के समक्ष रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट मंडरा रहा है। ऐसे में स्कूल फीस जमा करने में बहुत मुश्किल होगी। स्कूल प्रबंधन को आगे आकर रियायत देनी चाहिए।
- शशि वर्मा, महाराणा प्रताप नगर
लॉकडाउन की वजह से काम - धंधे बंद पड़े हुए हैं। रोजगार ठप पड़े हुए हैं। आपदा के इस दौर में स्कूल प्रबंधनों को बच्चों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। फीस माफी का निर्णय लेना चाहिए।
- गायत्री, खुशीपुरा
आपदा के इस दौर में हर कोई एकदूसरे की मदद के लिए खड़ा हुआ है। स्कूल प्रबंधनों को भी हाथ आगे बढ़ाना चाहिए। उन्हें फीस माफ कर कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में सहयोग देना चाहिए।
- कीर्ति, बाहर ओरछा गेट
गर्मी की छुट्टियों की भी पूरी फीस ली जाती है। अभिभावक बेझिझक अदा भी करते हैं। पहली बार स्कूलों को मौका मिला है मदद करने का। उन्हें खुद आगे आकर फीस माफ करनी चाहिए।
- कामिनी साहू, गुसांईपुरा
रंग लाई पहल, माफ की फीस
झांसी। स्कूलों की फीस माफ करने की अमर उजाला की ओर से की गई पहल रंग लाती नजर आ रही है। राजापुर स्थित इंग्लिश मीडियम स्कूल वंश एकेडमी के प्रबंधक संजीव यादव उनके विद्यालय में अध्ययनरत सभी 227 बच्चों की अप्रैल, मई और जून माह की फीस माफ कर दी है। साथ ही स्कूल की वैन से आने जाने वाले बच्चों को इसका किराया भी नहीं लिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों को 3,57,840 रुपये की राहत दी है।
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