झांसी। जनपद में मिलावटखोर घटिया घी मिलाकर देसी घी बेच रहे हैं। कैलाश रेजिडेंसी में खाद्य प्रशासन विभाग की मोबाइल वैन की जांच में ये खुलासा हुआ है। अमर उजाला के अभियान के तहत कॉलोनी में लोगों ने बढ़-चढ़कर खाद्य पदार्थों की जांच कराई। इस दौरान दाल में भी सिंथेटिक रंग पाया गया है।
मिलावटखोरों के खिलाफ एफडीए के सहयोग से अमर उजाला अभियान चला रहा है। शुक्रवार को एफडीए की टीम कैलाश रेजिडेंसी जांच करने के लिए पहुंची। सहायक आयुक्त खाद्य हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि कॉलोनी में 54 नमूनों की जांच हुई। दूध के 30, घी के 12, तेल के पांच, अरहर की दाल के तीन, चावल के दो और दही व शक्कर के एक-एक नमूनों की जांच हुई। जांच में देशी घी और अरहर की दाल का एक-एक नमूना फेल हुआ है। देशी घी में घटिया घी मिलावट पाई गई है। इसके सेवन से लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। फिर ह्रदय संबंधी रोग होने की दिक्कत रहती हैं। जबकि, अरहर की दाल में हानिकारक सिंथेटिक रंग की मिलावट पाई गई है। इससे किडनी और लिवर खराब हो सकता है। वैन में विश्लेषक अतुल भास्कर और विनोद सिंह ने जांच की। इस दौरान वरिष्ठ खाद्य विश्लेषक अनूप चंद्र, मंडलीय फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रशांत श्रीवास्तव, संजय कश्यप, अमित बाथम, अभिषेक जैन, सोसाइटी अध्यक्ष राकेश यादव, सचिव महेंद्र गुप्ता, डीके तिवारी, मनमोहन यादव, अनुपमा तिवारी, आरती यादव, अंजली गुप्ता, प्रीति अग्रवाल, अलका अग्रवाल, अमन, रमेश साहू मौजूद रहे।
अभियान से दहशत में दूधिए, कॉलोनी में घुसने से पहले पूछते रहे वैन तो नहीं खड़ी
मिलावट के खिलाफ अमर उजाला के अभियान से मिलावटखोरों में दहशत पैदा हो गई है। चूंकि, ज्यादातर नमूने दूध के फेल हुए हैं, ऐसे में सबसे ज्यादा दहशत मिलावट का दूध बेचने वालों में है। चूंकि, अखबार में कैलाश रेजिडेंसी में शुक्रवार को मोबाइल वैन पहुंचने की खबर प्रकाशित हो गई थी। ऐसे में कॉलोनी में दाखिल होने से पहले दूधिए पूछते रहे कि एफडीए की मोबाइल वैन तो नहीं खड़ी है।
इन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि जिस किसी को भी मिलावट को लेकर शिकायत दर्ज करानी है या फिर अपने खाद्य पदार्थ की जांच करानी है, वो व्यक्ति विभाग के हेल्पलाइन नंबर 05102440280 पर फोन या व्हाट्सएप कर सकते हैं।