अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में विकसित हो रहे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) ने ग्रामीणों के साथ-साथ निबंधन विभाग को भी खूब मालामाल कर दिया है। स्थिति यह रही कि पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने लक्ष्य से 180 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व हासिल किया है। झांसी में पहली बार विभाग ने लक्ष्य के शत-प्रतिशत आंकड़े को पार किया है।
नोएडा की तर्ज पर झांसी में औद्योगिक शहर बीडा विकसित किया जा रहा है। इसके लिए झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की जमीन ली जा रही है। जमीन लेने की प्रक्रिया फरवरी 2024 में शुरू की गई थी, जो लगातार जारी है। अब तक लगभग 11 हजार किसानों से जमीन खरीदी जा चुकी है। इसके एवज में उन्हें तकरीबन 2200 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। ग्रामीणों से कराए जा रहे जमीन के बैनामों से निबंधन विभाग को खूब स्टांप शुल्क प्राप्त हो रहा है।
यही वजह है कि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिए गए लक्ष्य 4.18 अरब के सापेक्ष 5.26 अरब रुपये प्राप्त किया है, जो लक्ष्य के मुकाबले 125.4 प्रतिशत रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब झांसी में निबंधन विभाग ने लक्ष्य से ज्यादा राजस्व हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग को 444 करोड़ का लक्ष्य मिला था, लेकिन विभाग 355 करोड़ ही हासिल कर पाया था।
वर्जन
बीडा के लिए लगातार हो रहे बैनामों की वजह से विभाग ने लक्ष्य से ज्यादा राजस्व हासिल किया है। पहली बार विभाग ने लक्ष्य से 125 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया है। चालू वित्तीय वर्ष में भी अच्छा राजस्व मिलने की उम्मीद है। - प्रवीण कुमार सिंह, सहायक महानिरीक्षक, निबंधन