गरीबों को भोजन का वितरण करते जैन समाज के लोग।
झांसी। जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती सोमवार को घर-घर मनाई जाएगी। इस दौरान जैन समाज के लोग घरों में रहकर प्रभु महावीर के जन्म की खुशियां मनाएंगे। 70 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब जिले में भगवान महावीर की जयंती पर रथयात्रा का आयोजन नहीं होगा।
जिले में हर साल महावीर जयंती के मौके पर भगवान महावीर की रथयात्रा का आयोजन किया जाता था। इस दौरान भगवान को स्वर्ण आभा वाले विमान पर विराजमान कर रथयात्रा निकाली जाती थी। इस बार लॉकडाउन के चलते देश में महावीर जयंती का महोत्सव घर-घर मनाया जाएगा। जैन धर्मावलंबी जैनाचार्यों के आशीर्वाद से अपने आवास पर जन्म उत्सव की खुशियां मनाएंगे। इस मौके पर प्रत्येक जैन धर्मावलंबी सुबह आठ बजे अपने घर की छत, आंगन या बालकनी में भगवान महावीर स्वामी के जयकारे लगाते हुए घंटी, तालियां और थालियां बजाकर हर्ष की ध्वनि करेंगे। घर पर ही मिठाइयां बनाकर कोरोना और लॉकडाउन के चलते जगह-जगह व्यवस्थित रूप से गरीबों असहायों को भोजन और मिठाइयां वितरित करेंगे।
जैन मुनि आदित्य सागर जी महाराज ने कहा कि इस बार प्रदर्शन की अपेक्षा भगवान महावीर स्वामी की जयंती आत्म दर्शन के लिए मनाई जाएगी। उन्होंने घर-घर में पालने झुलाने की तैयारियां करने और शाम को अपने दरवाजे पर दीपक जलाकर भगवान की आरती करने का संदेश दिया। जैन समाज के वयोवृद्घ कैलाश चंद्र जैन ने बताया कि विगत 70 वर्षों से महावीर जयंती पर निकाली जाने वाली रथयात्रा का आयोजन इस बार नहीं होगा। घर पर ही जयंती मनाएंगे। समाज के शैलेंद्र जैन, ललित जैन, अध्यक्ष प्रकाश चंद जैन एडवोकेट एवं महामंत्री प्रवीण कुमार जैन ने सभी जैन धर्मावलंबियों से अपील की है कि महावीर जयंती अपने परिवार के साथ पूरी धर्म प्रभावना को आत्मसात करते हुए मनाएं। वहीं दिगंबर जैन पंचायत समिति द्वारा प्रतिदिन गरीबों और असहाय को सिद्धार्थ जैन के सौजन्य से भोजन वितरण किया गया। सोमवार को गरीबों को भोजन के साथ ही फ ल और मिठाई का वितरण भी किया जाएगा।