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बेतवा नदी का पानी शहरवासियों के लिए बना ‘अमृत’

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माताटीला बांध। अमर उजाला
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झांसी। बेतवा नदी का पानी शहरवासियों के पीने के लिए अब भी शुद्ध बना हुआ है। बबीना जल शोधन केंद्र में पानी की सफाई के प्रतिदिन जांच होती है, जिसमें सभी पोषक तत्व मौजूद मिले हैं। शहर की आधी से अधिक आबादी को बेतवा नदी का पानी उपलब्ध होता है। अभी झांसी शहर को 1100 करोड़ लीटर पानी प्रतिदिन मिल रहा है।
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बेतवा नदी का उद्गम भोपाल से है। यह नदी भोपाल, विदिशा, ललितपुर, ओरछा, झांसी होकर हमीरपुर तक पहुंचती है, जहां यमुना में इस नदी का विलय हो जाता है। जांच के हिसाब से बेतवा नदी के पानी का रंग, गंध, स्वाद सब अच्छा पाया गया है। ज्यादा कैल्शियम या मैग्नेशियम वाला कठोर जल नहीं है। पानी में आर्सेनिक, लेड सेलेनियम, मरकरी, फ्लोराइड, नाइट्रेट जैसे हानिकारक रसायन नहीं हैं। अगर बेतवा नदी के पानी की तुलना गंगा और यमुना के पानी की पीएच वैल्यू (हाइड्रोजन की क्षमता) से किया जाए तो बेतवा का पानी बहुत बेहतर है। मानक के हिसाब से नदी की पीएच वैल्यू औसतन 7.4 होनी चाहिए। बेतवा की पीएच वैल्यू 6.4 से 7.8, गंगा की 7.1 से 9.6 और यमुना की 7.5 से 11.8 के बीच है। यही कारण है कि बेतवा का पानी दूसरी नदियों की तुलना में बेहतर है।
- माताटीला बांध से आने वाले पानी की जांच बबीना जल शोधन केंद्र पर प्रतिदिन होती है। झांसी से भी नमूने भरकर पहुंचाए जाते हैं। पानी में सभी पोषक तत्व मौजूद हैं। पहूज बांध से मिलने वाले पानी की जांच हर महीने प्रयोगशाला में कराई जाती है। पहूज के पानी को और अधिक शुद्ध बनाने के लिए फिल्टर प्लांट पर काम चल रहा है।
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कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
पीने योग्य पानी के गुण
- जल में आंखों से दिखने वाले कण और जीव वनस्पति नहीं हों।
- हानि पहुंचाने वाले सूक्ष्म जीव या कण न हों।
- जल का पीएच संतुलित हो।
- जल में पर्याप्त मात्रा आक्सीजन घुला हो।
यह भी जानिए
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मध्य प्रदेश के भोपाल से आने वाली बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुवां ढुकुवां व पारीछा बांध से होता हुआ उरई, जालौन, हमीरपुर तक नहर के जरिये सिंचाई के लिए पहुंचता है। माताटीला बांध के पानी से ही झांसी महानगर व बबीना से झांसी मार्ग पर स्थित क्षेत्रों को जलापूर्ति होती है। अगर पूरे साल सिंचाई व पेयजल के लिए पर्याप्त पानी चाहिए तो राजघाट बांध का भरना जरूरी है। राजघाट बांध भरने के लिए मध्य प्रदेश में बारिश होना जरूरी है।
पहूज बांध के पानी की प्रतिदिन नहीं हो पाती जांच
पहूज बांध से प्रतिदिन एक करोड़ लीटर पानी दतिया गेट फिल्टर पर आता है। यहां पर जल शोधन होने के बाद दतिया गेट, नई बस्ती, पंचवटी, उन्नाव गेट, मुकरयाना समेत आसपास क्षेत्रों की 50 हजार आबादी को पानी मुहैया कराया जाता है। मगर यहां के पानी की जांच महीने में एक ही बार की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि यहां के पानी में भी सभी पोषक तत्व मौजूद हैं।
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