झांसी। मंडल के तीनों जिलों में अधिकांश परिषदीय स्कूल ऑपरेशन कायाकल्प के 14 मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त नहीं है। टाइल लगाने का कार्य अंसतोष जनक पाया गया। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि खंड शिक्षाधिकारी और बीडीओ तालमेल बनाकर कार्य करे। शुक्रवार को मंडलायुक्त सभागार में उन्होंने टॉस्क फोर्स की बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि मंडल में ऐसे विद्यालय जहां मात्र शिक्षामित्र ही है, वहां भी अध्यापक की वैकल्पिक व्यवस्था की जाये।
मंडल में 654 ऐसे स्कूल हैं, जहां एकल अध्यापक तैनात हैं। इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में शिक्षक की समुचित व्यवस्था की जाये। उन्होेंने कहा कि विद्यालय में पुराने निर्माण (कक्षा - शौचालय) को ध्वस्त किया जाये। यदि कोई हादसा होता है, तो जवाब देही तय कर कार्रवाई की जाएगी। मंडलायुक्त ने परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकालय की स्थापना की समीक्षा कर कहा कि इसका संचालन सही ढंग से हो। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय के लिए पांच हजार तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए 10 हजार रुपये की धनराशि से नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें क्रय की जानी है। यह धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते मेें प्रेषित कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि अध्यापक स्वयं प्रेरित होकर लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पूरा भी करें। उन्होंने कहा कि यूनीफार्म कपड़ा खरीद में घोटाला न हो। ग्राम पंचायतों को सुविधा दें, ताकि वह स्वयं कपड़ा खरीद कर समूह से यूनीफार्म बनवाये। उन्होंने मध्याह्न भोजन, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण, बच्चों का चिह्नीकरण, शारदा पोर्टल में नामांकन, एआरपी की नियुक्ति आदि समीक्षा की। इस अवसर पर अपर आयुक्त प्रशासन आरपी मिश्रा, जेडीसी चंद्रशेखर शुक्ला, एडी बेसिक जीएस राजपूत, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता, एडी हेल्थ डा. वीके सिन्हा, डा. दीपक शुक्ला आदि मौजूद रहे।