तीसरी लहर से पहले मेडिकल कॉलेज में तैयार हो जाएंगे तीन ऑक्सीजन प्लांट
झांसी। तीसरी लहर से पहले महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में तीन ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो जाएंगे। इन प्लांटों में एक मिनट से अधिकतम एक हजार लीटर ऑक्सीजन की सप्लाई हो सकेगी। एक प्लांट का काम लगभग पूरा होने वाला है। जबकि, दूसरे की नींव रख दी गई है। जल्द ही तीसरे प्लांट का निर्माण शुरू हो जाएगा। तीनों प्लांटों से रोजाना 300 सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन मिलेगी।
कोरोना की पहली लहर के बाद दूसरी काफी घातक होने की वजह से कुछ समय के लिए ऑक्सीजन का जबरदस्त टोटा हो गया था। ऑक्सीजन को लेकर मारामारी मच गई। कई अस्पतालों ने ऑक्सीजन न होने का हवाला देते हुए मरीजों को भर्ती करने से इंकार कर दिया। ऐसे में केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की। औद्योगिक इकाइयों को दी जानी वाली ऑक्सीजन पर भी रोक लगा दी गई। इसके बाद ऑक्सीजन की उपलब्धता सुचारु हो पाई। दो से तीन महीनों में कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने की बात विशेषज्ञों की तरफ से की जा रही है। ये लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही है। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी कतई न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार की तरफ से तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कारण मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद तीन नए प्लांट की मंजूरी दी गई है। एक प्लांट का तो 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जबकि, दूसरे की नींव रखी जा चुकी है। तीसरे का भी जल्द निर्माण शुरू होने की संभावना है। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि निर्माण कार्य, ऑक्सीजन लाइन के पाइप डलते ही प्लांट मंगवाकर स्थापित कर दिया जाएगा। हर प्लांट से एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की सप्लाई हो सकेगी। हर प्लांट से रोजाना 100 सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन मिल सकेगी।
यहां भी लग रहे ऑक्सीजन प्लांट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरौठा, समथर, सीएचसी रानीपुर, सीएचसी बड़ागांव, बरुआसागर, रेलवे अस्पताल, कैंट हॉस्पिटल, मिलिट्री अस्पताल, जिला अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की जा रही है। यहां पर प्लांट की क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट है।