बीएड काउंसलिंग के दूसरे दिन व्यवस्था का पहिया डगमगा गया। एनआईसी का सर्वर बैठ जाने के कारण काउंसलिंग कराकर फीस जमा करने के बाद अभ्यर्थी दोपहर तक कॉलेज की च्वॉइस नहीं भर सके। इससे परेशान होकर उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के केंद्र पर फोन घनघनाने शुरू कर दिए। वहां से उन्हें आयोजक लखनऊ विश्वविद्यालय संपर्क करने को कहा गया। हालांकि, दोपहर दो बजे के बाद व्यवस्था सुचारु हो गई।
गौरतलब है कि पांच जून से बीएड काउंसलिंग की शुरूआत हो गई थी। काउंसलिंग कराने वाले अभ्यर्थियों के पास सात जून की रात बारह बजे तक च्वॉइस फिलिंग का मौका था। शनिवार सुबह अभ्यर्थियों को कॉलेज च्वॉइस लॉक की सफलता नहीं मिल सकी। काफी प्रयास के बाद हताश होकर उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की एजूकेशन बिल्डिंग स्थित सेंटर पर फोन घनघना शुरू कर दिए। काउंसलरों ने उन्हें आयोजक विश्वविद्यालय से संपर्क करने को कहा तो परेशान अभ्यर्थियों में लखनऊ फोन कर जानकारी चाही। वहां से उन्हें एनआईसी का सर्वर बैठ जाने की सूचना दी गई। दोपहर करीब दो बजे सर्वर शुरू हो जाने अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली और कॉलेज की च्वॉइस लॉक की।
दूसरे दिन 146 ने कराई काउंसलिंग
झांसी। बीयू स्थित केंद्र पर बीएड काउंसलिंग के दूसरे दिन 5001 से 12000 रैंक तक के 207 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इस दौरान 146 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई। जबकि, 142 छात्र-छात्राओं ने शैक्षिक दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कराकर फीस जमा की। पांच और छह जून को काउंसलिंग कराने वाले अभ्यर्थियों के पास रविवार रात बारह बजे तक च्वॉइस लॉक करने का मौका है। वहीं, रविवार को 12001 से 22000 रैंक तक के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी।