झांसी। ग्वालियर रोड से गुजरने वालों लोगों को कम से कम अगले छह महीने परेशानी उठाने के लिए तैयार रहना होगा। ग्वालियर रोड क्रासिंग पर निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के लिए रेलवे 31 अगस्त से निर्माण कार्य आरंभ करने जा रहा है। इसके लिए इस क्रासिंग को बुधवार से अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। रेल अफसरों ने इसमें न्यूतनम छह माह का समय लगने की उम्मीद जाहिर की है। तब तक के लिए दो वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं। हल्के वाहन सीपरी बाजार से होते हुए आईटीआई अंडर ब्रिज के रास्ते ग्वालियर रोड आएंगे जबकि भारी वाहनों को शिवपुरी-कानपुर हाइवे के रास्ते ग्वालियर रोड पर निकाला जाएगा।
ग्वालियर रोड स्थित इस ओवर ब्रिज का निर्माण दिसंबर में आरंभ हुआ। कुल 994.43 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज के लिए 27 पिलर बनाए जाने हैं। यह ओवरब्रिज दो अलग-अलग लेन में बनाया जाना है। इसमें 8 पिलर बनाने के साथ आरओबी का 75 मीटर चौड़ा हिस्सा बनाने का काम रेलवे को करना है जबकि शेष हिस्सा सेतु निगम बनाएगा। पहली लेन के लिए सेतु निगम ने 18 पिलर तकरीबन तैयार कर लिए जबकि रेलवे अब तक काम शुरू नहीं कर सका था। अब 31 अगस्त से रेलवे यह काम शुरू करने जा रहा है। रेल अभियंताओं के मुताबिक सबसे पहले फाउंडेशन बनाया जाएगा। चार फाउंडेशन बनाने के बाद गार्डर लांच करने का काम होगा। यह काम होने में न्यूनतम छह महीने का समय लगने की उम्मीद है। तब तक यहां से सामान्य ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा हालांकि ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि क्रासिंग बंद कर दिए जाने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा। दो पहिया वाहन चालक सीपरी बाजार से होते हुए आईटीआई अंडर ब्रिज के पास से ग्वालियर रोड पहुंच सकेंगे जबकि भारी वाहनों को शिवपुरी मार्ग से ग्वालियर रोड पर आ सकेंगे।
मार्च तक एक लेन आरंभ करने की योजना
सेतु निगम ट्रैफिक के लिए एक लेन को मार्च माह के आखिरी तक खोलने की योजना पर काम कर रहा है। सेतु निगम अभियंताओं का कहना है प्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन वर्ष 2024 तय की गई है लेकिन, दो लेन के इस ओवर ब्रिज में एक लेन वर्ष 2023 के मार्च तक खोला जा सकता है।
इस तरह बनेगा ओवरब्रिज
- पुल की लागत 102.73 करोड़ है। इसमें रेलवे को 22 करोड़ मिलाने हैं।
- यह दो अलग-अलग लेन में बनेगा। आने एवं जाने के लिए लेन होगी। दोनों की भीतरी चौड़ाई करीब साढ़े सात मीटर रहेगी।
- पुल की लंबाई 994.43 मीटर है। पटरियों के ऊपर 75 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे को करना होगा।
- पटरियों के ऊपर अधिकतम ऊंचाई 11 मीटर होगी।
- पुल निर्माण के दौरान दोनों तरफ पौने चार- पौने चार मीटर की दो सर्विस रोड बनाई जाएगी।