झांसी। महानगर में झमाझम बारिश जारी है। ऐसे ही समय में मच्छर ज्यादा पनपते हैं। इसलिए बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अगर सावधानी हटी तो डेंगू, मलेरिया लोगों को अपना शिकार बनाने से नहीं चूकेंगे। शासन ने भी स्वास्थ्य विभाग को डेंगू, मलेरिया को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने दवाओं के छिड़काव के लिए शहरी क्षेत्र को छह यूनिट में बांटा है।
गर्मी से निजात दिलाने के लिए यह बारिश फायदेमंद है, तो बीमारियों देने में भी पीछे नहीं है। त्वचा रोग, खांसी, जुकाम, बुखार के बाद अब बारिश में डेंगू, मलेरिया होने की आशंका बढ़ गई है। दरअसल, बारिश में घरों की छतों पर रखे सामान, टायर में पानी भर जाता है। मच्छर रुके हुए पानी में अंडे देते हैं। बरसात में तेजी से मच्छरों की संख्या बढ़ती है। डेंगू अथवा चिकनगुनिया का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। झांसी में वर्ष 2016 में जून तक 47,375 ब्लड स्लाइड बनाई गईं और परीक्षण किया गया तो 74 रोगी मलेरिया पॉजिटिव मिले। रोगियों को इलाज के बाद ठीक कर दिया गया। अच्छी बारिश को मद्देनजर रखते हुए शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत लार्वी साइड, डीडीटी और फॉगिंग के निर्देश दिए गए हैं।
मलेरिया के लक्षण
- सर्दी के साथ एक दिन छोड़कर बुखार आना।
- उल्टी सिरदर्द, बुखार उतरने के बाद पसीना निकलना।
- बीमारी से पीड़ित के शरीर में कमजोरी आ आती है।
मलेरिया का इलाज
- स्वास्थ्य केंद्रों पर रक्त की जांच नि:शुल्क करवाएं।
- क्लोरोक्वीन की गोलियां खाएं, खाली पेट दवा न खाएं।
- पॉजिटिव मिलने पर बीमारी का पूरा इलाज करवाएं।
डेंगू के लक्षण
- बहुत अधिक घबराहट होना।
- शरीर पर लाल दाने, चकत्ते पड़ जाना।
- तेज बुखार, सिरदर्द, बदन व जोड़ दर्द होना।
- खून की उल्टी व पेशाब, मल से खून आना।
- आंखों के पीछे दर्द, जो आंख घुमाने से बढ़ता है।
डेंगू का इलाज
- बुखार आने पर पैरासिटामॉल दवा खाएं
- बिना देर किए डॉक्टर से इलाज करवाएं
कर्मियों को आवंटित किए गए क्षेत्र
बीमारियों के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों को क्षेत्र आवंटित कर दिए गए हैं। नगरीय क्षेत्र में साप्ताहिक लार्वी साइड छिड़काव कराने, बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रचार प्रसार, स्कूलों में जाकर स्वास्थ्य शिक्षा देने के निर्देश दिए गए हैं। आवंटित क्षेत्र में कूलर, पानी की टंकी को साफ करवाने, अस्पताल, प्राइवेट नर्सिंग होम में डेंगू मरीजों का पता लगाकर सूचना देने के भी निर्देश हैं।
ऐसे हो सकता है बचाव
- कूलर, पानी की टंकी सप्ताह में एक बार साफ करें।
- मच्छर दिन में काटते हैं, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- घर छतों पर अनावश्यक पात्रों को हटा दें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- कुओं, हैंडपंपों के पास, नाली में पानी जमा न होने दें।
मौसमी बीमारियों पर स्वास्थ्य विभाग का पूरा ध्यान है। सभी सीएचसी, पीएचसी पर डीडीटी दे दी गई है। ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति से इसका छिड़काव कराने के अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
- डॉ. विनोद कुमार यादव, सीएमओ