झांसी। प्रदेश के हर जिले के सबसे खराब तीन बीडीओ छांटे जाएंगे। इन बीडीओ की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद सरकार इनके बारे में कोई निर्णय लेगी। केंद्र ने खराब बीडीओ का आकलन करने के लिए सात बिंदु निर्धारित किए हैं। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर बीडीओ को अंक दिए जाएंगे।
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेज कर सभी जिलों से तीन-तीन ऐसे खंड विकास अधिकारियों की रिपोर्ट मांगी है जिनका प्रदर्शन सबसे खराब हो। केंद्र ने प्रदर्शन को आंकने के लिए सात बिंदु निर्धारित किए हैं। इनमें मानव दिवसों का सृजन, लंबित भुगतान, कार्य की पूर्णता, कृषि आधारित क्रिया कलाप, व्यक्तिगत लाभार्थी परक कार्य, आंगनबाड़ी का निर्माण और रोजगार दिवस शामिल हैं।
सभी बिंदुओं के आठ-आठ अंक निर्धारित हैं। कार्य के आधार पर बीडीओ को इनमें से अंक दिए जाएंगे। सबसे कम अंक पाने वाले तीन बीडीओ की सूची बनाकर शासन को भेजी जाएगी। बीडीओ के कामों का मूल्यांकन सीडीओ करेंगे। सीडीओ संजय कुमार ने उप आयुक्त मनरेगा विकास मिश्रा को 17 दिसंबर तक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद वह इसका सीडीओ निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेजेंगे।