जुलाई का आधा महीना बीत गया है, लेकिन अभी तक झमाझम बरसात नहीं हुई है। बादल आते हैं, लेकिन थोड़ा पानी बरसा कर गायब हो जाते हैं। यह स्थिति मूंगफली और सोयाबीन की फसलों के लिए ‘संजीवनी’ साबित हो रही है, लेकिन पानी की कमी होने के कारण तिल और उर्द की बुवाई से किसान हाथ खींच रहे हैं। इन फसलों की बुवाई के लिए 25 जुलाई तक का समय है।
सामान्य तौर पर जुलाई तक औसत वर्षा 370.90 मिलीमीटर होती है। आधा महीना बीत गया और इस बार अभी तक 153 मिलीमीटर बरसात हो सकी है। घने बादल छाए रहने और कुछ देर बूंदाबांदी करने के बाद आसमान साफ हो जाने के कारण किसान चिंतित हैं। यही कारण है कि वह खरीफ की मुख्य फसल तिल की बुवाई में रुचि नहीं ले रहे हैं। उर्द की बुवाई भी कमजोर चल रही है। बुवाई का अंतिम समय 25 जुलाई है। पानी कम बरसने के कारण किसानों ने बुवाई कम कर दी है।
दूसरी ओर, बूंदाबांदी का फायदा मूंगफली और सोयाबीन की फसलों को मिल रहा है, जिससे वह लहलहा रही हैं। यह फसलें इसी तरह के मौसम में अच्छा उत्पादन देती हैं। यदि पानी बरसने लगे और लगातार चार से छह दिन तक मौसम साफ न हो तो यह फसलें खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। जिले में इस वर्ष तिल की बुवाई सर्वाधिक 76 हजार हेक्टेयर में करने का लक्ष्य है। पर, 2,854 हेक्टेयर में ही बुवाई हुई है। उर्द की बुवाई का लक्ष्य 85,543 हेक्टेयर में है, जबकि आधे क्षेत्रफल में ही बुवाई हो सकी है। मूंगफली 21,840 हेक्टेयर के सापेक्ष आधे से अधिक क्षेत्रफल में और सोयाबीन की बुवाई 930 हेक्टेयर के सापेक्ष 480 हेक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक में हो गई है।
इंसेट
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अभी तो इतनी ही बारिश
झांसी 153 मिलीमीटर
बांदा 285 मिलीमीटर
ललितपुर 130 मिलीमीटर
हमीरपुर 190 मिलीमीटर
जालौन 109 मिलीमीटर
महोबा 83 मिलीमीटर
चित्रकूट 426 मिलीमीटर
कोट--
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किसान तिल और उर्द की बुवाई करें
किसान तिल और उर्द की बुवाई कर सकते हैं। क्योंकि, बुवाई 25 जुलाई तक ही हो सकती है। बूंदाबांदी से खेतों में नमी हो गई है, जिससे फसलों में कोई नुकसान नहीं है। समय निकल गया है, लेकिन किसान मूंगफली की बुवाई भी कर सकते हैं।
- डा. बीआर मौर्य
जिला कृषि अधिकारी
अच्छी बरसात होगी
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार- पांच दिन बरसात के लिहाज से अच्छे रहेंगे। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। अभी काफी वक्त बाकी है।
- डा. मुकेश चंद्र
मौसम वैज्ञानिक
बड़े पैमाने पर खेत खाली
जुताई करने के बाद खेत खाली पड़े हैं, क्योंकि पानी नहीं बरस रहा है। केवल खेतों में सोयाबीन की ही बुवाई हो सकी है। अब पानी बरसने का इंतजार किया जा रहा है।
- किसान दिनेश कुमार, अमरा मोंठ
अच्छी है मूंगफली और सोयाबीन की फसल
मूंगफली और सोयाबीन की फसल ठीक है, बाकी खेत खाली पड़े हैं। पानी बरसे तो बुवाई हो। इस बार सूखा के आसार लग रहे हैं।
- किसान अभय कुमार, बम्हौरी मऊरानीपुर