झांसी। जैसा कि अनुमान था, ठीक वैसा ही हुआ। मंगलवार को इस मौसम की सबसे तेज बारिश हुई। गर्मी और उमस से व्याकुल लोगों ने राहत महसूस की।
मंगलवार को सुबह से ही सूरज को बादलों ने अपने ओट में ले रखा था। दोपहर सवा बारह बजे के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। लगातार एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। अचानक से तापमान में काफी गिरावट आ गई।
अधिकतम तापमान घटकर 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दोपहर तीन बजे तक कभी तेज तो कभी हल्की बौछारें लगातार गिरती रहीं। बारिश थमने के बाद ठंडी-ठंडी हवाएं चलती रहीं। मानसून आने के बाद यह अब तक की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 21 जून को अच्छी बारिश हुई थी। झमाझम बारिश ने लोगों और किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। लोगों ने घरों से बाहर निकलकर बारिश का मजा उठाया।
दस तक होगी अच्छी बारिश
अब दस जुलाई तक लोग अच्छी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र के मुताबिक छह जुलाई को 30, सात को 20, आठ को 15, नौ को 24, दस को 18 मिलीमीटर बारिश हो सकती है। इन दिनों अधिकतम तापमान 32 से 33 सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। हवाएं भी 16 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।
- सभी फसल में खान, उर्वरकों का प्रयोग मृदा परीक्षण की संस्तुतियों के आधार पर करें।
- मूंगफली, सोयाबीन, तिल की फसलों में 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से गंधक का प्रयोग करें।
- फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के तुरंत तीन दिन के अंदर जमाव से पूर्व पेंडामेथिलीन तीन-तीन लीटर प्रति हेक्टेयर 600 लीटर पानी में मिलाकर मौसम साफ रहने पर छिड़काव करें।
शाकभाजी को ये करें
- सब्जियों को खरपतवार व कीट से बचाएं
- लौकी, तरोई, करेला, कद्दू, खीरा, टमाटर की देखभाल करें
- नई फसल लगाने को समय से नर्सरी डालने के लिए तैयार करें।
- फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, मिर्च, बैगन की पौध डालने का सही समय।
बागवानी को ये है सुझाव
- तैयार फलों को तोड़कर धोकर बाजार में भेजते रहें।
- बरसात में नए पौधे रोपने के लिए गड्ढ़ों की भराई कार्य शुरू करें।