- जिला अस्पताल से बमुश्किल 25 कदम, महिला पॉलिटेक्निक संस्थान व छात्रावास से 40 कदम की दूरी पर शराब का ठेका
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ताक पर चढ़ाकर शैक्षिक संस्थान, अस्पताल, धार्मिक स्थान से हाईवे तक धड़ल्ले से शराब की दुकानें खुली हैं। इन दुकानों के आसपास शराब पीने वालों का जमावड़ा रहता है। इससे छात्र-छात्राओं से लेकर राहगीर तक परेशान हैं लेकिन आबकारी अफसरों को इनसे कोई परेशानी नहीं होती। कई दुकानों को लेकर शिकायतें भी हुईं लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनाए गए सरकारी नियमों के मुताबिक निगम सीमा के अंदर धार्मिक एवं शैक्षिक संस्थान से 50 मीटर के भीतर शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती जबकि हाईवे से इसकी दूरी न्यूनतम 220 मीटर होनी चाहिए। आबकारी विभाग ने इन नियम-कायदों को ताक पर रखकर शैक्षिक संस्थान एवं हाईवे के पास ही कई दुकानों का आवंटन कर डाला।
अमर उजाला टीम की पड़ताल के दौरान कई दुकानें ऐसी सामने आईं। झांसी ग्वालियर हाईवे पर पाल कॉलोनी के सामने अंग्रेजी शराब की दुकान खुली हुई है। ग्वालियर रोड स्थित महिला राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के ठीक सामने अंग्रेजी शराब की दुकान है। पॉलिटेक्निक से इसकी दूरी महज 20 मीटर है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग के सामने भी देसी शराब का ठेका है। इसी रास्ते छात्राओं का आना-जाना होता है। यहां सुबह से शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। विश्वविद्यालय के दोनों हॉस्टलों से चंद कदम दूर भी शराब के ठेके हैं।
यही हाल महानगर के चिकित्सालयों के आसपास दिखा। यहां भी शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। ग्वालियर रोड पर राजकीय आयुर्वेद कॉलेज से महज 40 मीटर दूर अंग्रेजी शराब की दुकान है। जिला अस्पताल से बमुश्किल 25 कदम की दूरी पर मिनर्वा में शराब की दुकान है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल अस्पताल के तीस मीटर दूरी पर ही शराब की दुकान खुली है। आसपास के लोगों का कहना है कि अक्सर शराबी यहां मारपीट करते हैं।
व्यावसायिक एरिया में 50 मीटर की दूरी का प्रतिबंध लागू नहीं होता है। जितनी दुकानें हैं, वह आबकारी नियमावली के प्रावधान के मुताबिक हैं। यह भी नियम है कि जहां पुरानी दुकान है, वहां बदलाव नहीं होगा।
मनीष कुमार देव, जिला आबकारी अधिकारी