झांसी। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक मोहल्ले में रहने वालीं ब्यूटी पॉर्लर की संचालिका के पास फोन आया। सामान खरीदने के एवज में उनको एडवांस पेमेंट देना तय हुआ। साइबर अपराधी ने उनके मोबाइल पर बार कोड भेजा। बार कोड स्कैन करते ही खाते से 17 हजार रुपये निकल गए। चार माह में साइबर अपराधी 80 लोगों के खाते खाली कर चुके हैं।
डिजिटल पेमेंट के जमाने में क्यूआर कोड स्कैन कर लेनदेन का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। छोटी दुकानों से लेकर मॉल तक क्यूआर कोड से पेमेंट होने लगी है। इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने अब क्यूआर कोड का अपना हथियार बनाकर ठगी शुरू कर दी है। ठगी का तरीका सामान खरीदने और बेचने के समय क्यूआर कोड स्कैन करवाने का रहता है। इस तरह जब कभी कोई ई कॉमर्स वेबसाइट पर अपना सामान बेचने के लिए कोई एड देते हैं तो ठगी करने वाले इन लोगों से संपर्क करते हैं और उनको भरोसा दिलाते हैं कि वे उनका सामान खरीद रहे हैं। इस तरह वे बेचने वाले को अपना क्यूआर कोड भेजते हैं और उसे स्कैन के लिए कहते हैं ताकि उनको एडवांस पैसे भेज सकें। कोड स्कैन करते ही खाते से तुरंत रकम निकल जाती है। चार माह के अंदर 80 लोगों के खाते से रकम निकाल चुके हैं।
नंबर 1
सदर बाजार क्षेत्र निवासी राजा के पास मेडिकल का सामान खरीदने के लिए फोन आया था। सामान पसंद आने पर एडवांस रकम देने के लिए मोबाइल पर बार कोड भेजा। स्कैन करते ही बारह हजार रुपये निकल गए।
नंबर 2
उनाव गेट निवासी ऋषि सिंह के पास स्पोर्ट्स का सामान खरीदने के लिए फोन आया। उनके भी मोबाइल पर बार कोड आया। स्कैन करते ही उनके खाते से आठह हजार रुपये निकल गए।
मेसेज से भेज रहे क्यूआर कोड
साइबर अपराधी लॉटरी व अन्य ऑफर दिलाने के बहाने लोगों को मेसेज, ईमेल के जरिए क्यूआर कोड के लिंक भेज रहे हैं। ऐसे में ये शातिर किसी न किसी बहाने लोगों को पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड भेजते हैं। इस तरह जब लोग क्यूआर कोड स्कैन करते ही ठगी के शिकार हो रहे हैं।
यह है क्यूआर कोड
क्यूआर कोड पर्याप्त जानकारी अपने स्टोर में रख सकता है। यह एक तरह का बारकोड है, जिसे मशीन के जरिए पढ़ लिया जाता है। क्यूआर कोड के माध्यम से बिजली, पानी, पेट्रोल, डीजल, किराना, सामान आदि का भुगतान इस माध्यम से कर सकते हैं।
यह बरतें सावधानी
- मेसेज या ई-मेल पर आए अंजान क्यूआर कोड को कभी स्कैन न करें
- किसी को भी अपना यूपीआई पिन न दें, इससे आपका अकाउंट साफ हो सकता है
- क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट करने से पहले रिसीवर का नाम जरूर कंफर्म कर लें
- ऐसी एप से कोड स्कैन करें जो क्यूआर कोड की जानकारी भी बताती हो
खाते की जानकारी कतई फोन पर किसी को न दें। क्यूआर कोड स्कैन करते समय काफी सावधानी बरतें। जरा सी असावधानी में आपका खाता खाली हो सकता है। पीड़ित तुरंत साइबर सेल में आकर शिकायत करें।
भानू प्रताप सिंह, एक्सपर्ट, साइबर सेल झांसी