झांसी। बबीना थाना क्षेत्र से सात बांग्लादेशी नागारिकों की गिरफ्तारी होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। पूछताछ में पता चला है कि बांग्लादेश से भारत आने के लिए बॉर्डर पर सभी ने पांच- पांच हजार रुपये दिए थे। इसके बाद सभी को बार्डर पार करा दिया गया। यह जानकारी मिलने के बाद खुफिया एजेेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। खुफिया एजेंसी व पुलिस टीम ने दिन भर जांच की। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
दिन भर की गई पूछताछ में पता चला कि बांग्लादेश में ढाका के नादौर सिंगरा के रहने वाले मामून शेख उर्फ शमीम, मिलन शेख, मुकुल शेख, मोनू वैद्य, सीजर शेख, असलम शेख और पालन शेख तेल बेचने का काम करते हैं। काफी समय पहले बॉर्डर के रास्ते सातों लेाग भारत में आए थे। भारत के कई इलाकों में तेल बेचने का काम ये सभी कर चुके हैं। पिछले सप्ताह सातों झांसी आए थे। यहां बस स्टैंड के होटल कर्मा के दो कमरों में सातों ठहरे थेे। सुबह के समय सातों एक साथ निकलते थे और शाम को वापस होटल लौटते थे।
शनिवार सुबह भी चारों बबीना क्षेत्र में निकलेे थे। इसी बीच सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। थाने लाकर की गई पूछताछ के बाद पता चला कि सभी बांग्लादेशी हैं। खबर मिलने के बाद एटीएस, आईबी व एलआईयू ने भी पहुंचकर सभी से पूछताछ की। कई जानकारियां भी टीमों ने एकत्रित की। अधिकारियों ने भी थाने पर पहुंचकर पूछताछ की। सीओ सदर केवी अशोक ने बताया कि पुलिस टीमें हर बिंदू पर जांच कर रही हैं। कई जानकारियां सभी से मिली हैं।
पुलिस ने कॉल डिटेल भी खंगाली
सभी के पास से सात मोबाइल मिले हैं। टीमों ने मोबाइल को कब्जे में लेकर कॉल डिटेल्स भी खंगालीं। सभी ने अपने-अपने परिजनों से लेकर काम के सिलसिले में ही बातचीत की।
होटल में ठहरने की भी जांच
बांग्लादेशी नागरिकाें के होटल में ठहरने के मामले में भी पुलिस जांच कर रही है। आखिरकार कौन से दस्तावेज लगाकर सभी ठहरे थे। यदि दस्तावेज नहीं लगाए थे तो होटल कर्मियों ने कैसे ठहरा दिया। पुलिस इस पूरे मामले की भी जांच कर रही है। कमरों मेें रखे सामान भी खंगाले गए। देर रात पुलिस की जांच जारी रही।