झांसी। मंडल की चार सड़कों को स्टेट हाइवे में तब्दील करने की कवायद तेज हो गई है। पीडब्ल्यूडी ने चार सड़कों को उच्चीकृत करने के लिए करीब 154.25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद इन सभी सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा।
जिन सड़कोें को अपग्रेड होना है उनमें दबोह-पूंछ-गुरसराय-टीकमगढ़, ललितपुर की देवगढ़-ललितपुर मार्ग, जालौन में एट-बंगरा-भीखेपुर मार्ग एवं राठ-कालपी-मदारीपुर मार्ग शामिल हैं। ट्रैफिक लोड के आधार पर सड़कों को अपग्रेट किया जाता है। राजमार्ग में बदल जाने के बाद उरई हमीरपुर सड़क का नाम बदलकर एस-130 हो जाएगा। दबोह-टीकमगढ़ सड़क का नाम बदलकर एसएच-131 हो जाएगा। ललितपुर की 71 किलोमीटर लंबी सड़क एचएन-132 के नाम से जानी जाएगी। बांदा की दो सड़कें भी राजमार्ग में तब्दील होंगी। इनमें बांदा-चित्रकूट का 66 किलोमीटर लंबा बांदा-सिंडा ओरन मार्ग एवं बांदा-हमीरपुर को जोड़ने वाला 80 किलोमीटर लंबा बबेरु-तिंदवारी-सुमेरपुर मार्ग शामिल है। मंजूरी मिलने के बाद बांदा-चित्रकूट सड़क का नाम बदलकर एसएच-133 एवं बांदा-हमीरपुर का नाम एसएच-134 हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अवधेश कुमार के मुताबिक सारी औपचरिकताएं पूरी करके मंजूरी के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मंजूर होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
मार्ग का नाम किलोमीटर खर्च
दमोह समथर 106 7.24 करोड़
देवगढ़ 71 किमी 34 करोड़
राठ कालपी 96 किमी 28 करोड़
बंगरा 91 किमी 85 करोड़
न्यूनतम सात मीटर होगी चौड़ाई
स्टेट हाइवे होने के बाद इन सभी सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई सात मीटर हो जाएगी। अभी जहां चौड़ाई सात मीटर से कम है, वहां चौड़ाई बढ़ाकर उसे सात मीटर किया जाएगा। इस तरह पूरी सड़क न्यूनतम डबल लेन हो जाएगी। इसी तरह इन सड़कों की मरम्मत अवधि भी घटकर तीन वर्ष की हो जाएगी।
ललितपुर में होगी पहली स्टेट हाईवे
इन सड़कों को स्टेट हाइवे में तब्दील होने के बाद ललितपुर को जहां पहला स्टेट हाइवे मिलेगा वहीं, झांसी में यह दूसरा स्टेट हाइवे होगा। अभी झांसी में हमीरपुर-राठ-चिरगांव ही इकलौत स्टेट हाइवे है।