अगर आपके परिवार में किसी की शादी का मुहूर्त पंडित जी ने 23 फरवरी बताया है, तो परेशान न हो। भले ही इस तारीख को झांसी सहित पूरे बुंदेलखंड में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है, लेकिन आचार संहिता शादी समारोहों में बाधक नहीं बनेगी। नियमानुसार रात दस बजे तक बैंड बाजा बजाया जा सकेगा और बारात भी निकलेगी। हालांकि, आप को इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि शादी समारोह में किसी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि न हो।
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता जारी होते हुए पूरे प्रदेश में धारा 144 भी लगा दी गई है। इससे सार्वजनिक स्थान पर समूह एकत्र नहीं हो सकता है और निजी स्थानों पर भी समूह एकत्र करने के लिए परमीशन लेनी पड़ती है। वहीं, मतदान के 40 घंटे पहले जिले की सीमाओं को सील कर दिया जाता है।
इन सबसे आम लोगों को परेशानी तो होगी, लेकिन शादी समारोहों में प्रशासन किसी भी प्रकार का बाधक नहीं बनेगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रमाशंकर गुप्ता का कहना है कि शादी समारोह आयोजित करने में किसी को परेशानी नहीं होगी। कैश रखने के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उसका पालन करना पड़ेगा। बारात व बैंड के लिए भी जो नियम हैं, वही आचार संहिता के दौरान भी लागू रहेंगे। मतदान के 40 घंटे पहले सीमाएं सील कर दी जाएगी। लेकिन, विवाह सम्मेलनों में आने वाले रिश्तेदार इससे प्रभावित नहीं होंगे।
अधिकतर विवाहघरों में बुकिंग नहीं
फरवरी में 5, 6, 18, 19, 23, 27, 28 की सहालग है। मंगलवार को अमर उजाला रिपोर्टर ने शहर के अधिकांश विवाहघरों में पड़ताल की तो पता चला कि 23 तारीख की बुकिंग नहीं है। विवाहघर संचालकों का मानना है कि आचार संहिता के कारण परेशानी होने की संभावना के चलते लोग इस तारीख को शादी करने से बच रहे हैं।
ये हो सकती हैं समस्याएं
- पचास हजार रुपये से अधिक नकदी ले जाने पर आयकर विभाग और पुलिस पूछताछ कर सकती है।
- जिले की सीमा में प्रवेश करने पर पुलिस छानबीन कर सकती है।
- सामान की तलाशी ली जा सकती है।
- कई जगह चेकिंग की समस्या से जूझना पड़ सकता है।
ये करें उपाय
- नकदी के सभी दस्तावेज अपने साथ रखें।
- पूछताछ से न घबराएं, पुलिस का सहयोग करें।
- कार्यक्रम में राजनैतिक गतिविधियां न होने दें।
- सीमाएं सील होने पर शादी का कार्ड साथ रखें।
इनका अनुभव
ग्वालियर रोड स्थित एक विवाहघर के मैनेजर राजेंद्र कुशवाहा ने बताया कि 2012 विधानसभा के चुनाव के दौरान उनके साढ़ू भाई की बेटी की शादी थी। गाजियाबाद से 50 किलोमीटर दूर सिकंदराबाद के एक विवाहघर से मतदान के दिन विदाई हुई। सुबह सात बजे जब वहां से लौटे तो दिल्ली स्टेशन तक पहुंचते-पहुंचते 20 जगह चेकिंग हुई। ट्रेन में रिजर्वेशन की टिकट पास में नहीं होती तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ता। 50 किलोमीटर का सफर तीन घंटे में तय हुआ था।
परंपरागत कार्यक्रमों पर रोक नहीं
लोग बेफिक्र होकर वैवाहिक कार्यक्रम करें। परंपरागत कार्यक्रमों पर कोई रोकटोक नहीं है। विवाह समारोहों में राजनैतिक गतिविधियां होने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। डीजे इत्यादि बजाने पर आमदिनों की तरह ही नियम लागू होंगे। अनुमति लेना स्वैच्छिक है।
रमाशंकर गुप्ता, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।