विधानसभा चुनाव में युवाओं का मतदान बढ़ाने के लिए अबकी बार निर्वाचन आयोग ने ‘भावी मतदाताओं’ को इससे जोड़ने का निर्णय लिया है। ताकि, आने वाले समय में वह मतदाता बनकर लोकतंत्र के महायज्ञ में अपना योगदान दे सकें। भावी मतदाताओं को चुनाव किट बांटी जाएगी।
प्रत्येक पांच साल में होने वाले लोकतंत्र के महायज्ञ में 18 वर्ष के युवा व इससे बढ़ी उम्र के मतदाता वोट डालकर सरकार चुनते हैं। निर्वाचन आयोग का मानना है कि चुनाव में आपराधिक छवि के लोगों के आने से युवाओं का मतदान के प्रति मोह भंग हो गया है। इसलिए निर्वाचन आयोग युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चला रहा है। इसी क्रम में आयोग ने 15 वर्ष से 17 वर्ष के भावी मतदाताओं को अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया है।
उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी रत्नेश सिंह ने निर्देश दिए हैं कि 15 से 17 वर्ष आयु के कक्षा 09 से 12 तक पढ़ने वाले बच्चों को अभियान से जोड़ा जाए। इन भावी मतदाताओं को चुनाव किट दी जाए, ताकि वह मतदान के प्रति जागरूक हो सकें। उन्हें सहायता पुस्तिका भी दी जाए। चुनाव किट में उन्हें वोटर गाइड दी जाएगी तथा बैज लगाने को दिया जाएगा। इस बैज में ‘आईएम फ्यूचर वोटर आफ इंडिया’ लिखा जाएगा। भावी मतदाताओं को बैच देने के बाद उसका ब्योरा रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने में मिलेगी मदद
निर्वाचन आयोग युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए निरंतर कार्यक्रम बना रहा है। इससे निश्चित तौर पर मतदान प्रतिशत बढ़ेगा।
- रमाशंकर गुप्ता
उपजिला निर्वाचन अधिकारी