झांसी। जनपद में एक दिसंबर से निबंधन शुल्क बढ़ने से बैनामा, वसीयत, पावर ऑफ अटार्नी व अभिलेखों की नकल हासिल करने के लिए भी लोगों को जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।
निबंधन विभाग द्वारा स्टांप ड्यूटी के अतिरिक्त निबंधन शुल्क भी लिया जाता है। विभिन्न सेवाओं के लिए इसकी दरें अलग-अलग निर्धारित हैं। विभाग ने निबंधन शुल्क में बढ़ोत्तरी की तैयारी कर ली है। अब तक विभाग द्वारा बैनामे में भूमि /भवन की ढाई लाख रुपये तक की मालियत पर एक प्रतिशत तथा पांच लाख तक की मालियत पर दो प्रतिशत निबंधन शुल्क वसूला जाता था।
लेकिन, अब 10 लाख तक की मालियत के बैनामे पर दो प्रतिशत निबंधन शुल्क अदा करना होगा। इसी प्रकार वसीयत का निबंधन शुल्क सौ रुपये से बढ़ाकर पांच सौ रुपये किया जा रहा है। पावर ऑफ अटार्नी के निबंधन शुल्क में दस गुना वृद्धि की जा रही है। यह पचास से बढ़ाकर पांच सौ रुपये किया जा रहा है। वहीं, निबंधन विभाग से अभिलेखों की नकल लेना भी महंगा होने जा रहा है। अब तक दस रुपये निबंधन शुल्क जमा कर नकल प्राप्त हो जाती थी, परंतु अब अभिलेख के प्रत्येक पृष्ठ की नकल के एक रुपये अतिरिक्त देने होेंगे।
गोद लेना भी हुआ महंगा
झांसी। निबंधन विभाग द्वारा दत्तक अभिलेख के पंजीकरण पर लगने वाला निबंधन शुल्क भी बढ़ाने की तैयारी है। अब तक विभाग द्वारा इस पर 100 रुपये निबंधन शुल्क लिया जाता था, परंतु अब यह बढ़ाकर 500 रुपये किया जा रहा है।
निबंधन शुल्क की नई दरों का विभाग ने मसौदा तैयार कर लिया है। नई दरें एक दिसंबर से लागू करने की योजना है। इसकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
-एके पासवान, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, झांसी।